मुंगेर : शिक्षकेत्तर व संविदाकर्मी अपनी 15 सूत्री मांगों के समर्थन में गये दो दिवसीय हड़ताल पर

हिन्दुस्तान, मुंगेर
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आर.एस.कॉलेज तारापुर के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों के खिलाफ हड़ताल की। कर्मचारियों ने वेतन विसंगतियों, सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण कॉलेज का काम ठप हो गया, और छात्रों को नामांकन के बिना लौटना पड़ा।

मुंगेर : शिक्षकेत्तर व संविदाकर्मी अपनी 15 सूत्री मांगों के समर्थन में गये दो दिवसीय हड़ताल पर

तारापुर से राहुल की रिपोर्ट तारापुर। आर.एस.कॉलेज तारापुर में कार्यरत शिक्षकेत्तर कर्मचारियों एवं संविदाकर्मियों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों की अनदेखी से आक्रोशित होकर बुधवार को महाविद्यालय परिसर में ही डटे रहते हुए कार्य का बहिष्कार किया। यह कलमबद्ध हड़ताल बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर की गई, जिसमें कर्मचारियों की पीड़ा और विभागीय उदासीनता साफ झलकती रही। शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के सचिव अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने बताया कि उनकी समस्याएं लंबे समय से सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखी जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि बार-बार मांग पत्र सौंपने के बावजूद सिर्फ आश्वासन ही मिला, समाधान नहीं। इसी निराशा और उपेक्षा के खिलाफ दो दिवसीय हड़ताल (बुधवार एवं गुरुवार) का निर्णय लिया गया है। कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि धारित पद के अनुरूप वेतनमान लागू नहीं होना उनके साथ अन्याय है। वहीं, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष किए जाने की मांग भी लंबे समय से लंबित है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप वेतन एवं पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी अब तक अधर में लटकी हुई है, जिससे सेवानिवृत्त कर्मियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताली कर्मचारियों ने वेतन विसंगतियों को दूर करने, 4200 ग्रेड पे के स्थान पर 4600 ग्रेड पे देने, सातवें वेतनमान के अंतर की राशि का भुगतान तथा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय होती जा रही है, लेकिन विभाग इस ओर संवेदनहीन बना हुआ है। इसके अलावा आउटसोर्सिंग, संविदा और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने, मकान किराया,परिवहन और चिकित्सा भत्ते राज्यकर्मियों के समान देने तथा रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई। कर्मचारियों ने विश्वविद्यालयों में तदर्थ नियुक्तियों पर रोक लगाने की भी मांग की। मुंगेर विश्वविद्यालय प्रक्षेत्र स्तर पर नव-नियुक्त कर्मियों को समय पर वेतन भुगतान,संविदा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि तथा एसीपी/एमएसीपी का लाभ देने की मांग को भी दोहराया गया। महासंघ के प्रक्षेत्रीय मंत्री रविन्द्र कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया,तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा। इधर कर्मचारियों के द्वारा किये गये हड़ताल से महाविद्यालय में पडन पाठन सहित अन्य कार्यालय का काम - काज पूरी तरह ठप रहा। महाविद्यालय में सेमेस्टर -02,03,05 के नामांकन को लेकर महाविद्यालय आए छात्र- छात्रा को बीना नामांकन कराये ही वापस लौटना पड़ा।

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