मॉडल अस्पताल : एक-एक जीएनएम के भरोसे संचालित हो रहा इण्डोर वार्ड
शिक्षु जीएनएम लगाती हैं सुई स्लाईन मुंगेर, निज संवाददाता । सरकार द्वारा मरीजों की सुविधा के लिए 100 बेड का अत्याधुनिक मॉडल अस्पताल तो बना दिया गया है।

मुंगेर, निज संवाददाता । सरकार द्वारा मरीजों की सुविधा के लिए 100 बेड का अत्याधुनिक मॉडल अस्पताल तो बना दिया गया है। परंतु स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के कारण मॉडल अस्पताल में मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता है। मॉडल अस्पताल का अधिकांश इण्डोर वार्ड सेकेण्ड और थर्ड शिफ्ट में महज एक जीएनएम के भरोसे संचालित हो रहा है। इण्डोर पुरूष वार्ड में एक जीएनएम को एक साथ चार वार्ड की देखरेख करना पड़ता है। इण्डोर वार्ड में कार्यरत जीएनएम को भाव्या ऐप के तहत मरीजों का सारा रिकार्ड ऑन लाइन करने, डाक्टर के साथ राउंड लगाने सहित मरीजों का इलाज करने की जिम्मेदारी दी गई है।
इण्डोर पुरूष वार्ड में पुरूष मेडिकल, पुरूष सर्जिकल, आइसोलेशन और कैदी वार्ड को जोड़ कर एक जीएनएम की ड्यूटी लगाई गई है। इसी तरह महिला वार्ड से एनआरसी और डेंगू वार्ड को जोड़ कर एक जीएनएम की ड्यूटी लगाई गई है। अत्यधिक कार्यभार के कारण इण्डोर वार्ड में जीएनएम की जगह प्रशिक्षु जीएनएम ही मरीजों को डाक्टर के प्रेसक्रिप्शन के आधार पर सुई स्लाइन लगाती है। जीएनएम की कमी को देखते हुए सिविल सर्जन के आदेश पर सभी वार्ड में प्रशिक्षु जीएनएम की ड्यूटी लगाई गई है। मार्निंग शिफ्ट में इंचार्ज के अलावा सभी इंण्डोर वार्ड में सेकेण्ड शिफ्ट और नाइट शिफ्ट में एक जीएनएम कार्यरत है। ---- स्वीकृत 50 की जगह कार्यरत है 39 जीएनएम मॉडल अस्पताल में जीएनएम का 50 पद स्वीकृत है। स्वीकृत पद के अभाव में मात्र 39 जीएनएम मॉडल अस्पताल में कार्यरत है। इनमें भी 01 जीएनएम छह माह के ट्रेनिंग के लिए पटना गई है। मात्र 38 जीएनएम के भरोसे सदर अस्पताल का मेल वार्ड फीमेल वार्ड, आईसीयू, इमरजेंसी, लेबर रूम, एमसीएच ओटी, एनआरसी, पिकू वार्ड में तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाकर कराया जा रहा है। ----- सिविल सर्जन से मिल जीएनएम ने रखी समस्याएं मंगलवार को कई जीएनएम सिविल सर्जन डा. राम प्रवेश प्रसाद से मिल कर अत्यधिक कार्यभार के कारण हो रही परेशानी से अवगत कराया। साथ ही विशेषावकाश लागू करने का अनुरोध सिविल सर्जन से किया। सिविल सर्जन को बताया कि जीएनएम की कमी के कारण उन लोगों को मरीजों की देखभाल के अलावा अवकाश मिलने में भी परेशानी होती है। ---- बोले सिविल सर्जन सदर अस्पताल में जीएनएम की संख्या कम रहने के कारण समस्या हो रही है। कुछ जीएनएम का प्रतिनियोजन समाप्त कर वापस सदर अस्पताल बुलाया जा रहा है। इसके बाद जीएनएम की समस्या नहीं होगी। - डा.राम प्रवेश प्रसाद, सिविल सर्जन, मुंगेर।
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