DA Image
30 नवंबर, 2020|7:30|IST

अगली स्टोरी

मूर्तिकारों पर कोरोना संक्रमण की मार, रोजगार पर संकट

default image

इस वर्ष अन्य पर्व-त्योहारों की तरह दुर्गापूजा पर भी कोरोना की काली छाया गहराने लगी है। दुर्गापूजा में अभी लगभग डेढ़ महीने का समय है। लेकिन कोरोना महामारी के चलते दुर्गोत्सव के भव्य आयोजन को लेकर अनिश्चितताएं हैं। कुछ पूजा केन्द्रों पर प्रतिमा निर्माण किया जा रहा है। लेकिन मू्ति्ततकार कोरोना काल में निराश हैं। मू्ति्ततकारों का कहना है कि उनक रोजगार पर संकट आ

पड़ा है।

50 से अधिक प्रमिताएं की जाती हैं स्थापित: मंुगेर में दुर्गापूजा धूमधाम से मनाया जाता है। यहां प्राय: हर मोहल्ले में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती है। शहर और इससे सटे इलाकों में 50 से अधिक प्रतिमाएं स्थापित की जाती है। यहां बाहर से प्रतिमा निर्माण के लिए मूर्तिकारों नहीं बुलाए जाते हैं। स्थानीय कलाकार ही प्रतिमा का निर्माण करते हैं। शहर में लगभग 20-25 ऐसे मूर्तिकारों हैं जो दुर्गा प्रतिमा का निर्माण करते हैं। तीन-चार मूर्तिकारों ही ऐसे हैं जो दो-से तीन प्रतिमाओं का निर्माण करते हैं। जबकि अधिकांश एक या दो ही प्रतिमा का निर्माण करते हैं।

मूर्तिकारों पर कोरोना की मार : कोरोना की मार मूर्तिकारों पर भी पड़ रही है। गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की प्रतिमाएं इसबार पहले की तरह नहीं बन पायी। कई जगहों पर 20 फीट की प्रतिमाएं स्थापित की जाती थी। मू्ति्ततकार को अच्छी कमाई होती थी। इस बार कोरोना की वजह से छोटी मूर्तियों की डिमांड रहने से पहले की तरह कमाई नहीं हो पायी। नवरात्रा से लेकर दीपावली तके मूर्तिकारों की अच्छी कमाअर् होती थी। लेकिन इसबार कोरोना को लेकर संशय की स्थिति है। कुछ ऐसे मूर्तिकारों हैं जो मूर्ति कला से ही परिवार का भरण पोषण करते हैं। लेकिन इसबार रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मूर्तिकारों का कहना है कि शहर के सभी मूर्तिकारों का कारोबार 50 लाख से अधिक का होता था, लेकिन कोरोना के चलते कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Sculptors hit Corona infection crisis over employment