कॉमर्शियल सिलेंडर 993 रुपये महंगा, खाने-पीने का खर्च बढ़ेगा
जंग की तपिश के कारण बढ़ती गैस की कीमतों ने खानपान के कारोबार और उपभोक्ताओं की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में भारी वृद्धि से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा के दाम बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में खाद्य वस्तुओं की कीमतें भी प्रभावित होने की संभावना है।

मुंगेर,एक संवाददाता। जंग की तपिश के कारण बढ़ती गैस की कीमतों ने स्वाद का बजट बिगाड़ दिया है। कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की भारी वृद्धि ने जिले में खानपान के कारोबार और आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत अब बढ़कर 3345 रुपये हो गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और स्ट्रीट फूड कारोबारियों के सामने लागत और मुनाफे का संतुलन बिगड़ गया है। कॉमर्शियल गैस महंगी होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं स्ट्रीट वेंडर के यहां खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। फिलहाल, खाने-पीने की वस्तुओं के कीमतों में वृद्धि नहीं हुई है, लेकिन कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी वृद्धि से आने वाले 10 से 15 दिनों में ऐसी चीजों की कीमत में असर दिखाई पड़ना शुरू हो जाएगा।
गैस की उपलब्धता और उपयोग
बागवान लाइन होटल के संचालक प्रवीण कुमार बताते हैं कि, सिलेंडर मुश्किल से मिल रहा है, ऐसे में वे गैस के साथ कोयले का सहारा ले रहे हैं। अभी कीमत नहीं बढ़ाई है, लेकिन मुनाफा लगभग खत्म हो गया है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में वृद्धि का अगले 10 दिनों में असर दिखेगा। वहीं, श्रीराम कुल्फी एवं चाट के संचालक लखन कुमार कहते हैं, गैस की भारी किल्लत है, मजबूरी में कोयला भी इस्तेमाल कर रहे हैं। अब कीमत बढ़ाना तय है, जिसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ेगा। लेकिन, क्या असर पड़ेगा यह फिलहाल कहना कठिन है। बिहारी ढाबा के नानू कुमार के अनुसार, सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है। ढाबा बंद करने की नौबत है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में वर्तमान वृद्धि के कारण अब दाम बढ़ाना मजबूरी होगी। वहीं, कई स्ट्रीट वेंडर्स ने इसे ग्राहकों के पॉकेट के साथ-साथ अपने पेट पर सीधी मार बताया है। कुछ दुकानदार लागत घटाने के लिए स्टाफ कम करने या कारोबार सीमित करने पर भी विचार कर रहे हैं। मुरारी होटल के राणा विजय कहते हैं कि, वे कोयले का उपयोग करते हैं, इसलिए गैस वृद्धि का सीधा असर नहीं पड़ा। फिलहाल कोयले के दाम में भी कोई वृद्धि नहीं हुई है।हालांकि, डीजल-पेट्रोल महंगा होने से अन्य सामानों की कीमत बढ़ गई है। वहीं, गैस महंगी होते ही कोयले की मांग बढ़ने लगी है। कई दुकानदारों ने ईंधन के रूप में कोयला ना शुरू कर दिया है। यदि कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध होता है तो, उसे इमरजेंसी में उपयोग किया जाता है। खाने-पीने से संबंधित कई दुकानदारों ने कहा कि, गैस के साथ-साथ डीजल एवं पेट्रोल की कीमत में भी वृद्धि हुई है। कोयले की कीमत में भी वृद्धि हो सकती है। ऐसे में, सुबह की चाय से लेकर डिनर, स्नैक्स से लेकर मिठाई और कैटरिंग तक- हर चीज महंगी होने की संभावना है। वहीं, होटल,रेस्टोरेंट एवं ढाबा अपने मेन्यू में या तो कटौती कर चुके हैं या सीमित विकल्प देने पर विचार कर रहे हैं। वहीं, नई दर पर कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध होने पर अपने मेन्यू की कीमत में भी वृद्धि करने पर विचार करेंगे। जिला आपूर्ति पदाधिकारी वसीम रजा का कहना है कि, गैस की आपूर्ति सुचारू है और शनिवार को 503 सिलेंडर उपलब्ध थे। कमर्शियल गैस के उपभोक्ताओं को उनकी खपत के अनुसार सिलेंडर दिए जा रहे हैं। हालांकि, जमीनी स्तर पर कई कारोबारियों ने उपलब्धता और आपूर्ति को लेकर सवाल उठाए हैं। दुकानदारों का कहना है कि, जरूरत के हिसाब से हमें कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है। यदि मिलता तो अपना दुकान चलाने के लिए हम ईंधन के रूप में कोयला का उपयोग नहीं करते अथवा अपना मेन्यू सीमित नहीं करते।
गैस सिलेंडर की कीमत में वृद्धि
वहीं, परिवार गैस एजेंसी के प्रोपराइटर सुबोध वर्मा ने बताया कि, कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमत में पूर्व की तुलना में काफी अंतर आया है। कमर्शियल गैस सिलेंडर में 5 केजी का सिलेंडर जहां बीते 6 मार्च तक 600 रुपए में उपलब्ध था, वही 7 मार्च से इसकी कीमत बढ़ाकर 628 रुपए हो गई। अप्रैल में इसमें फिर वृद्धि हुई और इसकी कीमत 681 हो गई। अब इसमें 242 रुपए की भारी वृद्धि हुई है और इसकी कीमत 923 रुपए हो गई है। इसी तरह से, 19 केजी के कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 6 मार्च तक 2018.50 रुपए था तथा 7 मार्च से इसकी कीमत 2133 हो गया। जबकि, अप्रैल में हुई वृद्धि के बाद इसकी कीमत 2351 रुपया हो गया। अब इसकी कीमत में लगभग 993 रुपए की कीमत भारी वृद्धि होने से अब इसकी कीमत 3345 रुपया हो गया है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी वसीम रजा के अनुसार प्रशासन ने छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए नए कनेक्शन पर लगी रोक हटाई है। लेकिन, इसके साथ ही मुनाफाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती की चेतावनी भी दी गई है। जिले में हर तरह के गैस की उपलब्धता है। अनावश्यक रूप से घबराने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ताओं को उनके आवश्यकता अनुसार गैस उपलब्ध कराया जा रहा है।
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