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3 अगस्त, 2020|11:24|IST

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जुलूस निकाल क्रांतिकारियों को किया याद

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सिद्धो-कान्हू मेमोरियल कमेटी और जन अधिकार सुरक्षा कमेटी की ओर से मंगलवार को हूल विद्रोह दिवस के अवसर पर प्रखंड के मंदारे गांव में जुलूस निकाला गया।

पप्पू बेसरा और अर्जुन सोरेन के नेतृत्व मंदारे, ढोंढरी, कुल्हड़िया, लडुई मोड़ सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्र का भ्रमण करते हुए सिद्धो-कान्हू प्रतिमा स्थल के पास पहंुचा। यहां आयोजित सभा में कमेटी के संरक्षक रमन कुमार सिंह ने कहा 30 जून 1855 से 1857 तक हूल विद्रोह हुआ था। आदिवासियों के हूल विद्रोह में लगभग साठ हजार लोगों ने हिस्सा लिया था। कमेटी के संयोजक अर्जुन सोरेन ने कहा कि आज से 164 वर्ष पूर्व शोषण, जुल्म और अत्याचार के खिलाफ सिद्धो-कान्हू के नेतृत्व में 60 हजार आदिवासियों ने अंग्रेज, जमींदार, महाजन और पुलिस से खुला संघर्ष किया था।

जिसमें तीस हजार आदिवासी शहीद हो गए थे। पप्पू बेसरा ने कहा कि सीएनटी और एसपीटी एक्ट को बदलने की साजिश की जा रही है। इस मौके पर संजय सोरेन, बाबूलाल हांसदा, सुधीर मुर्मू, बबलू, किशोर यादव, मंगल सोरेन, लालबाबू किस्कू, कविता, अंजलि, पायल आदि मौजूद थे।

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  • Web Title:Revolutionaries remember the procession