Munger News: मुंगेर में बदला मौसम का मिजाज: बारिश ने दिलाई उमस से राहत, कृषि वैज्ञानिकों ने जारी की किसानों के लिए जरूरी सलाह
Munger News: मुंगेर वासियों के लिए शुक्रवार को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। तेज बौछारों से मौसम में बदलाव हुआ, तापमान 34 डिग्री पहुंचा। अगले 5 दिनों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है, जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी। साथ ही, वज्रपात को लेकर भी सावधानी बरतने की अपील की गई है।

Munger News: मुंगेर, निज संवाददाता।पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी झेल रहे मुंगेर वासियों के लिए शुक्रवार राहत भरी रही। जिले के विभिन्न इलाकों में कुछ देर के लिये हुई तेज बौछारों के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। ठंडी हवाओं के चलने और आसमान में घने बादल छाए रहने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनजीवन को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि बाद में हुई बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया। मौसम में आए इस बदलाव और आगामी दिनों के पूर्वानुमान को लेकर कृषि विज्ञान केंद्र, मुंगेर के वरीय वैज्ञानिक डॉ. मुकेश कुमार ने विशेष बुलेटिन जारी किया है। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम के कारण मुंगेर सहित आसपास के क्षेत्रों में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है。
अगले 5 दिनों तक झमाझम बारिश के आसार:
वरीय वैज्ञानिक मुकेश कुमार ने बताया कि मौसम विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, मुंगेर जिले में अगले पांच दिनों तक आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
18 और 19 जुलाई (शनिवार व रविवार):
इन दो दिनों में जिले में भारी वज्रपात और गरज के साथ तेज आंधी-तूफान की आशंका है। रविवार को बारिश की संभावना 80 प्रतिशत तक है, जिसमें लगभग 22.8 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इस दौरान पारा गिरकर 31 से 32 डिग्री सेल्सियस तक आ जाएगा, जिससे लोगों को ठंडक का अहसास होगा।
20 से 22 जुलाई (सोमवार से बुधवार):
सप्ताह के शुरुआती दिनों में भी बादलों का डेरा रहेगा। कहीं-कहीं हल्की तो कहीं भारी गरज के साथ बौछारें पड़ती रहेंगी। इस दौरान हवा की रफ्तार 14 से 28 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है, जिससे वातावरण में नमी (आर्द्रता) 73 से 82 प्रतिशत के बीच बनी रहेगी。
किसानों के लिए वरदान साबित होगी यह बारिश:
कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक ने इस मौसम को खेती-किसानी के लिए बेहद मुफीद बताया है। वैज्ञानिक मुकेश कुमार ने किसानों के लिए कहा कि यह बारिश मुख्य रूप से धान उत्पादक किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। जो किसान पानी के अभाव में धान की रोपनी नहीं कर पा रहे थे, उनके लिए यह बिल्कुल सही समय है। किसान भाई खेतों में पानी का संचय करें और धान की रोपनी के काम में तेजी लाएं। जिन किसानों ने पहले ही धान की रोपनी कर ली है, उन्हें इस बारिश से काफी फायदा होगा और फसलों में कल्ले (टिलरिंग) अच्छे निकलेंगे। हालांकि, उन्होंने मक्का और सब्जी की खेती करने वाले किसानों को जलजमाव से बचने की भी सलाह दी है।
वज्रपात को लेकर अलर्ट, खेतों में काम करते समय बरतें सावधानी:
मौसम वैज्ञानिक ने राहत के साथ-साथ किसानों और आम लोगों को सचेत भी किया है। उन्होंने कहा कि अगले 5 दिनों के दौरान मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की तीव्र संभावना है। अतः किसान भाई जब आसमान में बिजली चमक रही हो या बादल कड़क रहे हों, तो खेतों में काम करने से बचें। ऐसे समय में किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर शरण लें और पेड़ों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों। मौसम में आए इस बदलाव से जहां एक तरफ किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं दूसरी तरफ कृषि विभाग भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।
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