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1 अक्तूबर, 2020|12:59|IST

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भतीजे के मुंडन में घर आने वाले थे रंजन, आया उनका शव

भतीजे के मुंडन में घर आने वाले थे रंजन, आया उनका शव

गया जिले के कोच प्रखंड में बीडीओ के पद पदस्थापित रहे राजीव रंजन गुरुवार को भतीजे के मंुडन में आने वाले थे। लेकिन घर उनका शव आया। मंुडन की खुशियां मातम में बदल गयी। माता-पिता बेटे के शव से लिपटकर रो रहे थे। राजीव रंजन उत्तर टोला धरहरा के रहने वाले थे। गांव लोग भी राजीव के आत्महत्या की घटना से मायूस थे।

गांव में राजीव रंजन की आत्महत्या के पीछे पत्नी से अनबन की चर्चा थी। लेकिन पत्नी सोनी कुमारी ने इससे साफ इंकार किया। उन्होंने बताया कि राजीव रंजन कुछ दिनों से सरकारी कार्य को लेकर काफी तनाव में थे। वह तबादला कराना चाह रहे थे। उनका चयन सहायक प्रोफेसर के पद पर भागलपुर में हो चुका था। घटना के दिन ऑफिस जाने से हमलोगों ने एक साथ नाश्ता किया था।

मृतक के बड़े भाई सतीश कुमार ने बताया कि उनका भाई आत्महत्या करने वालों में नहीं था। उसकी सुनियोजित ढंग से हत्या की गई है। 70 फीट की ऊंचाई से गिरने पर भी सिर के आलावा कहीं खरोंच तक नहीं आने पर मृतक के भाई ने मामले को संदिग्ध बताया। उन्होंने बताया कि साढ़े चार फीट ऊंची रेलिंग पर चढ़कर आसानी से छलांग नहीं लगाया जा सकता है। मृतक के एक अन्य भाई धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि जिस भवन के छत से उनका भाई कूदकर जान दी। उस भवन में गृह प्रवेश कार्यक्रम के कारण छत पर हलवाई खाना बना रहा था। छत पर काफी लोग थे। लेकिन कोई चश्मदीद नहीं है। सुसाइड नोट के संबंध में भी भाई ने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने अबतक कोई सुसाइड नोट हमलोगों को नहीं दिखाया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है। बीडीओ के अंतिम यात्रा में धरहरा बीडीओ प्रभात रंजन एवं थानाध्यक्ष सर्वजीत कुमार शामिल हुए।

छत पर थे कई लोग कूदते किसी ने नहीं देखा : बुधवार दिन में साढ़े ग्यारह बजे हुई इस आत्महत्या की वारदात को किसी ने नहीं देखा। यहां तक कि जिस अपार्टमेंट की छत से कूदकर बीडीओ ने जान दी उस छत पर सुबह से हलवाई काम कर रहे थे लेकिन उन लोगों ने भी कूछ नहीं देखा। कुछ लोग यह भी सवाल कर रहे थे कि इतनी उंचाई (करीब 70 फीट) से कूदने पर भी बीडीओ का शरीर बाउंड्री के अंदर ही कैसे गिरा। दरअसल अपार्टमेंट की बाउंड्री छह फीट लंंबी और ऊंची है। बीडीओ का शरीर तीन से चार फीट की दूरी पर ही गिरा है। वहीं पर भारी मात्रा में खून गिरा है। इस आत्महत्या में कई पेच है।

बीडीओ ने ड्राइवर से फोन कर पूछा था ‘कहां हो

बीडीओ राजीव रंजन ने अपने ड्राइवर रामशीष प्रसाद से फोन कर पूछा था ‘कहां हो। मामले की जानकारी देते हुए ड्राइवर ने बताया कि सुबह उनका फोन आया तो मैने बताया कि निर्वाचन में हैं। पपत्र लेने गए थे। इसके बाद मैं उन्हें लेने के लिए अपार्टमेंट पहुंच गया। लिफ्ट के पास पहुंचा लिफ्ट ऊपर थी। नीचे लाने के लिए बटन दबाया। इस बीच लोगों ने बताया कि आपके बीडीओ नीचे गिरे हुए हैं। देखा तो बीडीओ गिरे हुए थे। उन्हें आसपास के लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया। ड्राइवर रामशीष प्रसाद ने बताया कि बीडीओ ने कार्यालय जाने की बात की थी। इस तरह कूदकर वे अपनी नहीं दे सकते ।

पहले हुआ प्यार फिर घर की रजामंदी से हुई शादी

बीडीओ राजीव और सोनम में पहले प्यार हुआ। घरवाले बताते हैं कि सोशल साइट पर दोनों एक दूसरे से बातें करते थे। इसके बाद राजीव ने घरवालों को इसकी जानकारी दी। सभी सोनम को देखने झारखंड गए। यहां पर सभी की रजामंदी से धूमधाम से राजीव सोमन की शादी हुई। दोनों एक ही जाति से आते हैं इसलिए किसी को कोई परेशानी नहीं हुई। बीडीओ को सुसाइड नोट लिखने में भी एक घंटे से अधिक का समय लगा होगा। लेकिन, इतने समय में भी आत्महत्या करने का विचार नहीं बदला। लोग कह रहे हैं कि बीडीओ राजीव इन दिनों परेशान रह रहे थे।

पत्नी सोनम बोली -अकेले अब हम कैसे रहेंगे...

मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बुधवार की देर रात दस बजे उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम हो गईं जब बीडीओ की पत्नी सोनम दहाड़ मार कर रोने लगी। दरअसल राजीव का शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जा रहा था। रोते हुए सोनम अपने पति के पास दौड जाती है। पूछती है ऐसे हमको छोड़ कर कैसे चले गए। अब हम अकेले कैसे रहेंगे..। बीडीओ राजीव की पत्नी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चेंबर में रखा गया था। जब एसएसपी ने बीडीओ की पत्नी से बात की तो उन्होंने एक बार चेहरा दिखवाने का अनुरोध किया। एसपी ने निर्देश पर उन्हें फिर से चेहरा दिखवाया जाए।

रिश्तों को संभालने की बहुत कोशिश की लेकिन...

पांच पन्ने का सुसाइड नोट। सुसाइड नोट में बीडीओ ने लिखा है..जीवन में काफी पेरशान हूं। रिश्तों को संभालने की काफी कोशिश की लेकिन दुख उदासी के बीच चलता रहा। सब ने मुझे हिसाब से जलाया। ईश्वर से खुशियां मिलीं, खुद नहीं समझ सका जिंदगी उलझ चुकी है। जिन इंसान के लिए एक-एक कदम चला वह मुझे स्वार्थी और जिम्मेवार समझती है। तुमने समझने में देर कर दी। मै तुम्हें प्यार करता हूं लेकिन साजिश नहीं करूंगा। खुश नहीं हो तो तुम्हारी लाइफ में भी नहीं रहूंगा। बीडीओ ने लिखा है कि अपनी मौत के लिए वो और सिर्फ वो जिम्मेवार हैं।

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  • Web Title:Ranjan was to come home to nephew s house came to his body