Railway workers opposed privatization - रेलकर्मियों ने किया निजीकरण का विरोध DA Image
17 नबम्बर, 2019|3:00|IST

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रेलकर्मियों ने किया निजीकरण का विरोध

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केंद्र सरकार द्वारा देश में दर्जनों एक्सप्रेस ट्रेनों तथा स्टेशनों को निजी कपंनी के हांथों सौपे जाने का रेलकर्मयों ने जमकर विरोध किया। बुधवार को ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन (ईआरएमयू), शाखा जमालपुर कारखाना और ईआरएमयू ओपन लाइन जमालपुर के कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग समय में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

सुबह सवेरे ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन (ईआरएमयू), ओपन लाइन जमालपुर की ओर से पूर्व रेलवे डीजल शेड परिसर में नुक्कड़ सभा आयोजित कर केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की। इससे पहले उनलोगों ने जुलूस निकालकर कर्मचारियों को एकजुट हो आंदोलन करने की अपील की।

सभा की अध्यक्षता दिलीप कुमार ने की। संचालन सचिव केडी यादव ने किया। मौके पर श्री यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने शुरूआती दौर में कहा कि रेलवे का किसी भी कीमत पर निजीकरण नहीं किया जाएगा। लेकिन भाजपा 2 की सरकार की कथनी और करनी में आसमान जमीन का अंतर दिखा है। आज एक के बाद एक ट्रेनों व स्टेशनों को निजीकरण कर निजी कंपनियों के हांथों गिरवी रखा जा रहा है। इससे ना सिर्फ भारतीय का अस्तित्व खत्म हो जाएगा, बल्कि आम यात्रियों को भी अधिक आर्थिक बोझ़ उठानी होगी। वहीं सुविधा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाएगी। जरूरत है आज रेलकर्मचारी के साथ आम लोगों को भी इसका विरोध करने की। मौके पर केंद्रीय उपाध्यक्ष सत्यजीत कुमार, सीडी प्रसाद, रंजन कुमार सिंह, जी शर्मा, प्रमोद रंजन प्रसाद, एसडी मंडल, ब्रजगोपाल, सुबोध कुमार, नीतू कुमारी, अजय कुमार सिंह, सुबोध रंजन, नवल भारती, आरबी रॉय, नागेश्वर मरांडी, अरविंद कुमार सहित अन्य ने भी अपने अपने विचार रखे।

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  • Web Title:Railway workers opposed privatization