Munger News: मुंगेर में सफाई मुंगेर में सफाई कर्मियों का आंदोलन हुआ उग्र

हिन्दुस्तान, मुंगेर
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Munger News: मुंगेर में कर्मचारियों ने तीन सूत्री मांगों के तहत उग्र आंदोलन शुरू किया है। उनकी मांगें स्थायी नौकरी, ठेकेदारी व्यवस्था का अंत और सातवें वेतनमान का लाभ हैं। कर्मचारियों ने कहा है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तो हड़ताल जारी रहेगी। इस आंदोलन का असर राज्य के कई जिलों पर पड़ सकता है।

Munger News: मुंगेर में सफाई मुंगेर में सफाई कर्मियों का आंदोलन हुआ उग्र

Munger News: मुंगेर में सफाई कर्मियों का आंदोलन हुआ उग्र मुंगेर। बिहार में अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल और चक्का जाम आंदोलन शुरू कर रखा है।

कर्मचारियों की मांगें

मुंगेर में कर्मचारी संघ के महामंत्री ब्रह्मदेव महतो ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांगें पूरी तरह जायज हैं, लेकिन सरकार अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक तीनों मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक पूरे बिहार में अनिश्चितकालीन हड़ताल और चक्का जाम आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों की प्रमुख मांगें - दैनिक एवं एनजीओ के तहत कार्यरत सभी कर्मचारियों को स्थायी किया जाए। - सरकारी एवं नगर निकायों में लागू ठेकेदारी (कॉन्ट्रैक्ट) व्यवस्था को समाप्त किया जाए। - सभी पात्र कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ तथा अनुकंपा के आधार पर बहाली की प्रक्रिया प्रभावी रूप से लागू की जाए।

आंदोलन का प्रभाव

महामंत्री ब्रह्मदेव महतो ने कहा, "हम अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। सरकार हमारी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक पूरे बिहार में चक्का जाम और अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों के इस अनिश्चितकालीन आंदोलन का असर मुंगेर नगर निगम सहित राज्य के कई जिलों में देखने को मिल सकता है। हड़ताल के कारण नगर निकायों के दैनिक कार्यों और आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है!

सामान्य प्रश्न

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें हैं: दैनिक एवं एनजीओ के तहत कार्यरत सभी कर्मचारियों को स्थायी किया जाए, ठेकेदारी व्यवस्था को समाप्त किया जाए, और सभी पात्र कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ एवं अनुकंपा के आधार पर बहाली की प्रक्रिया प्रभावी रूप से लागू की जाए।
Tarun Kumar

लेखक के बारे में

Tarun Kumar

शॉर्ट बायो : तरुण कुमार, पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में टीम भागलपुर का नेतृत्व कर रहे हैं।


परिचय एवं अनुभव

तरुण कुमार भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में टीम भागलपुर को लीड कर रहे हैं। 2020 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।


करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)

तरुण ने अपने करियर की शुरुआत 2005 में दैनिक हिन्दुस्तान से ही की, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। इसके बाद लाइव हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ न्यू मीडिया की दुनिया में कदम रखा। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान टीम भागलपुर को लीड कर रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग

ग्रेजुएशन बाद बीजेएमसी की पढ़ाई कर पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। शुरुआत मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों के साथ की। मेडिकल में कई साइंटिफिक कांफ्रेंस को कवर करने और ‘एक्सपर्ट-वेरिफाइड’ और रिसर्च-ड्रिवेन मेडिकल स्टोरी की। इसके बाद रेलवे और एग्रीकल्चर के क्षेत्र में आयी आधुनिकता, उससे हुए बदलाव, आमलोगों को उससे फायदे के बारे में विशेष स्टोरी की। रेलवे की तकनीकी पहलूओं की बारीक समझ रखते हुए कई स्टोरी की। इसी तरह कृषि के क्षेत्र में आयी आधुनिकता, जलवायु परिवर्तन और उसकी चुनौतियां, किसानों की बेसिक जरूरत और उसमें नई तकनीक का फायदा, जीआई प्राप्त कृषि उत्पादों के एक्सपोर्ट, बदलते फसल चक्र आदि पर भी स्टोरी की।


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तरुण का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है—उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।


विशेषज्ञता

कृषि और रेलवे

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