कुख्यात नक्सली सुरेश कोडा का सरेंडर कराने वाली पुलिस व एसटीएफ टीम सम्मानित
मुंगेर में सोमवार को एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहां डीआईजी ने कुख्यात नक्सली सुरेश कोडा के आत्मसमर्पण में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया। पुलिस ने सुरेश को सरेंडर करने के लिए मजबूर किया था, जो कि 'कम्युनिटी पुलिसिंग' और खुफिया तंत्र की जीत मानी जा रही है।

मुंगेर, वरीय संवाददाता। मुंगेर रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक कार्यालय में सोमवार को एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान डीआईजी ने कुख्यात नक्सली सुरेश कोडा के आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों और एसटीएफ के जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। फरवरी माह में मुंगेर पुलिस और एंटी नक्सल यूनिट ने एक बड़ी रणनीतिक सफलता हासिल की थी। लंबे समय से फरार चल रहे और कई नक्सली वारदातों में शामिल कुख्यात सुरेश कोडा को पुलिस ने सरेंडर करने के लिए मजबूर किया था। विभाग ने इस उपलब्धि को पुलिस की 'कम्युनिटी पुलिसिंग' और सटीक खुफिया तंत्र की जीत माना है।
सम्मानित होने वालों में मुंगेर के पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद प्रमुख रूप से शामिल हैं। उनके कुशल नेतृत्व में ही इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था। इसके साथ ही मुंगेर और जमालपुर में तैनात एसटीएफ की टीम को भी उनकी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए नवाजा गया। सम्मानित होने वाले मुख्य अधिकारी: सैयद इमरान मसूद: पुलिस अधीक्षक, मुंगेर सुनील कुमार वर्मा: वरीय पुलिस उपाध्यक्ष, एसटीएफ मुंगेर विनय कुमार राय: पु.अ.नि., एसटीएफ जमालपुर इसके अलावा टीम में शामिल मुकेश कुमार, सुमीत कुमार सिंह, अभिमन्यु कुमार सिंह, रवि शर्मा समेत 11 अन्य पुलिसकर्मियों और चालकों को सम्मानित किया गया। मनोबल बढ़ाने की कवायदः सम्मान समारोह के दौरान डीआईजी ने कहा कि ऐसे साहसिक कार्यों से बल का मनोबल बढ़ता है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए पुलिस और एसटीएफ की टीम लगातार सक्रिय है। इस दौरान पुलिस कार्यालय में अन्य वरीय अधिकारी भी मौजूद थे।
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