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10 अगस्त, 2020|2:27|IST

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151 जोड़ी ट्रेनों को निजी कंपनियों को बेचने का विरोध

151 जोड़ी ट्रेनों को निजी कंपनियों को बेचने का विरोध

एआईआरएफ नई दिल्ली व ईआरएमयू कोलकाता के संयुक्त आह्वान पर रेलवे निजीकरण व मजदूर विरोधी नीति के खिलाफ ईआरएमयू, कारखाना शाखा जमालपुर के कार्यकर्ताओं ने हुंकार भरी। प्रतिवाद दिवस की सफलता को लेकर मुख्य कारखाना प्रबंधक को आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।

इससे पूर्व कार्यकर्ताओं ने कारखाना परिसर में जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व एआईआरएफ की वर्किंग कमेटी सदस्य वीरेंद्र प्रसाद यादव, केंद्रीय उपाध्यक्ष सत्यजीत कुमार, जमालपुर शाखाध्यक्ष विश्वजीत कुमार व सचिव मनोज कुमार ने सामूहिक रूप से किया। जुलूस जमालपुर कारखाना हेल्थ यूनिट परिसर से निकलकर डब्लूआरएस वन, टू, थ्री, फोर, चक्का घर, डीजल शॉप, मशीन शॉप, टीटीएस, एमटीएस होते हुए पुन: कारखाना हेल्थ यूनिट परिसर में पहुंची, तथा एक सभा में तब्दील हो गयी। सभा की अध्यक्षता विश्वजीत कुमार ने की, तथा संचालन सचिव मनोज कुमार ने किया। मौके पर वीरेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि केंद्र सरकार की 100 दिन प्रोग्राम के नाम पर भारतीय रेलवे का अस्तित्व समाप्त करने की नीति बनायी गयी है। जो भारतीय रेल के इतिहास में सबसे बड़ा काला दिन साहिब होगा। इसे हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि आज देश के दर्जन भर स्टेशनों, कल-कारखानों और 151 ट्रेनों को निजीकरण करने की अनुमति दे दी गयी है। यहां रेलकर्मचारी की जगह अब प्राइवेट के ठेकेदारों का चुनिंदा लोग कार्य करेंगे। इससे निश्चित ही क्वालिटी में कमी आएगी और रेल हादसों का दौर जारी हो जाएगा। सचिव मनोज कुमार ने कहा कि अगर आज हमलोग एक नहीं हुए, तो हमारा भविष्य के साथ साथ देश का भारतीय रेल का भी भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। मौके पर अनिल प्रसाद, बहावउद्दीन, संजय ओझा, ओमप्रकाश साह, अर्जुन सिंह, टुनटुन ठाकुर, विपिन सिंह, दीपक सिन्हा, संजय सिंह मौजूद थे।

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  • Web Title:Opposition to selling 151 pairs of trains to private companies