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अब इलेक्ट्रिक मालगाड़ियों के कारण नहीं मार खाएगी सवारी गाड़ी, परिचालन में गति के साथ सुधार

ए एक सुखद खबर जमालपुर। इम्तेयाज आलम (निज प्रतिनिधि) पूर्व रेलवे मालदा मंडल के रेल यात्रियों व प्रशासन के लिए एक सुखद समाचार है। अब जहां-तहां खड़ी...

अब इलेक्ट्रिक मालगाड़ियों के कारण नहीं मार खाएगी सवारी गाड़ी, परिचालन में गति के साथ सुधार
हिन्दुस्तान टीम,मुंगेरFri, 01 Dec 2023 01:15 AM
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जमालपुर। इम्तेयाज आलम (निज प्रतिनिधि)
पूर्व रेलवे मालदा मंडल के रेल यात्रियों व प्रशासन के लिए एक सुखद समाचार है। अब जहां-तहां खड़ी इलेक्ट्रिक मालगाड़ियों के कारण सवारी गाड़ियां मार नहीं खाएगी। पूर्व रेलवे कोलकात प्रशासन ने मालदा, हावड़ा, सियालदा और आसनसोल मंडलों में माल ढुलाई में उपयोग किए जा रहे इलेक्ट्रिक लोको (इंजन) को रियल-टाइम ट्रेन सूचना प्रणाली (आरटीआईएस) से जोड़ दिया है। इसमें जमालपुर डीजल शेड भी पीछे नहीं रहा है। जमालपुर ने अबतक पांच इलेक्ट्रिक लोको को आरटीआईएस से लैस किया है। वहीं शेष चार लोको में इस प्रणाली का सेटअप किया जा रहा है। गौरतलब है कि ईस्टर्न रेलवे प्रशासन ने पहली अक्टूबर 2023 में ही कुल 32 लोकोमेटिव को रीयल टाइम ट्रेन सूचना प्रणाली सुसज्जित किया था। इसकी सफलता के बाद प्रशासन ने अबतक साढ़े तीन सौ लोकोमेटिव को आरटीआइएस से जोड़ने में सफलता हासिल की है।

ईस्टर्न रेलवे ने अबतक 349 लोको में की गई आरटीआईएम की स्थापना

पूर्व रेलवे जमालपुर डीजल शेड ने मालगाड़ी की इंजन नंबर 23352, 23365, 23525, 23531 और 23628 में आरटीआईएस सिस्टम लगाया है, जबकि चार लोको में भी लगाया जा रहा है। इधर, हावड़ा के इलेक्ट्रिक लोको शेड में 167 लोको, आसनसोल के इलेक्ट्रिक लोको शेड में 115, सियालदह लोको शेड में 30, वर्द्धमान डीजल शेड में 20, हावड़ा डीजल शेड में अबतक 14 इलेक्ट्रिक लोको में इस डिवाइस का सेटअप किया जा चुका है।

ट्रेनों व मालगाड़ियों का ससमय परिचालन और गति में होगा सुधार

रीयर टाइम ट्रेन सूचना प्रणाली (आरटीआईएस) विशेषकर ट्रेन परिचालन में दक्षता और यात्री जानकारी की गुणवत्ता में सुधार करती है। आरटीआईएस ट्रेन नियंत्रकों को ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के स्थान, गति और समय को आसानी से ट्रैक करने में सक्षम बनाता है। इस प्रणाली से यात्रियों को राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली (एनटीईएस) में उपलब्ध वास्तविक समय की जानकारी के आधार पर आसानी से अपनी यात्रा की योजना बनाने में भी लाभ होगा। वहीं जहां-तहां रुकी हुई मालगाड़ियों को रफ्तार देने में प्रशासन कामयाब होगा, जिससे सवारी गाड़ियों मालगाड़ियों के कारण परिचालन बाधित नहीं हो सकेगा।

क्या कहते हैं अधिकारी

सवारी गाड़ियों के साथ-साथ अब माल ढुलाई की ट्रेनों की भी अब सटीक जानकारी मिलेगी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ मिलकर रेल मंत्रालय रियल-टाइम ट्रेन सूचना प्रणाली (आरटीआईएस) के तहत न सिर्फ देशभर की सवारी गाड़ियों को लैस किया, बल्कि अब मालगाड़ियों को भी इस प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। ताकि मालगाड़ियों के कारण सवारी गाड़ी का परिचालन प्रभावित न हो सके। और मालगाड़ी सहित सवारी गाड़ियों की जीएसपी सिस्टम से मॉनटेरिंग कर गति प्रदान की जा सके।

- कौशिक मित्रा, सीपीआरओ, पूर्व रेलवे

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