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डीजल-इलेक्ट्रिक टावर कार निर्माण कार्य में अब रेल प्रशासन सहित 15 प्रशिक्षित कर्मी जुटेंगे, तैयारी शुरू

धि एशिया प्रसिद्ध रेल इंजन कारखाना जमालपुर अपनी कुशलता और दक्षता के दम पर 8 व्हीलर डीजल इलेक्ट्रिक टावर कार (डीईटीसी) का निर्माण कार्य में इसी...

डीजल-इलेक्ट्रिक टावर कार निर्माण कार्य में अब रेल प्रशासन सहित 15 प्रशिक्षित कर्मी जुटेंगे, तैयारी शुरू
हिन्दुस्तान टीम,मुंगेरSat, 18 May 2024 12:00 AM
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जमालपुर। निज प्रतिनिधि
एशिया प्रसिद्ध रेल इंजन कारखाना जमालपुर अपनी कुशलता और दक्षता के दम पर 8 व्हीलर डीजल इलेक्ट्रिक टावर कार (डीईटीसी) का निर्माण कार्य में इसी सप्ताह में शुरू किया जाएगा। निर्माण को लेकर पहला लॉट का टावर कार ढांचा जमालपुर कारखाना के गेट संख्या तीन के समक्ष खड़ी है। तथा 98 फीट लंबा ढांचा को कारखाना के क्रेन शॉप तक पहुंचाना ढेड़ी खीर साबित हो रही है। हालांकि कारखाना प्रशासन कोशिश में है कि कारखाना गेट संख्या एक समक्ष एटीएम भवन को बचाते हुए ढांचा को शॉप तक पहुंचाया जाय, ताकि सप्ताह के अंदर निर्माण कार्य में जुट सकें। वैसे निर्माण को लेकर सामग्रियों को शॉप तक पहुंचा दिया गया है। वहीं 15 प्रशिक्षित कर्मचारी ढांचा का शॉप में आने का इंतजार में है। गौरतलब है कि बीते वर्ष तत्कालीन सीडब्लूएम एस. विजय ने दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में 8 व्हीलर डीजल-इलेक्ट्रिक टावर कार का मॉडल प्रस्तुत कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। तथा इन्हें करीब दस टावर कार का निर्माण ऑडर मिला था। निर्माण को लेकर कल-पुर्जे तो कारखाना पहुंचा दिया गया, लेकिन ढांचा का इंतजार था। चेन्नई से जमालपुर आने में करीब डेढ़ माह का वक्त लग गया। सड़क मार्ग से आने पर जगह जगह जाम से लोगों को दो दो हाथ करना पड़ा, अब कारखाना गेट संख्या तीन के समक्ष रुकी है।

क्या है डीजल-इलेक्ट्रिक टावर कार

8 व्हीलर अंडरस्लंग डीजल इलेक्ट्रिक टावर कार (डीईटीसी) एक स्व-चालित इकाई है, जिसका उपयोग आवधिक निरीक्षण के साथ-साथ विद्युतीकृत मार्गों के ओवर-हेड इलेक्ट्रिक ट्रांसमिशन उपकरणों की गश्त और रखरखाव के लिए किया जाता है। इनके अलावा, 'मेक इन इंडिया' डीईटीसी का उपयोग ब्रेक डाउन वाली जगहों को ठीक करने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त ओएचई उपकरणों की मरम्मत के लिए भी किया जाता है। तथा 110 की स्पीड से पटरी पर सरपट दौड़ लगाने में सक्षम है।

पटियाला और भुसावल के बाद अब जमालपुर भी करेगा निर्माण

देश के पटियाला और भुसावल वर्कशॉप के बाद अब जमालपुर भी तीसरा कारखाना बन जाएगा। कारखाना प्रशासन ने टावर कार निर्माण में लगने वाले उपकरणों को जुटाने में साल बीत गए। हालांकि इंडियन रेलवे ने जमालपुर कारखाना को ट्रायल के रूप में पहली बार डीजल-इलेक्ट्रिक टावर कार का वर्कलोड दिया है। इसके लिए कारखाने के करीब 15 कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग भी दी गयी है। नए सीडब्लूएम बीपी वर्णवाल अब प्रशिक्षित कर्मचारियों से निर्माण को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी है।

पहला निर्माण तीन माह में होगा पूरा, मार्च तक ऑडर पूरा करने का लक्ष्य: सीपीआरओ

पहला लॉट जमालपुर आया है। शेष 9 लॉट का ढांचा भी बहुत जल्द आएगा। फिलहाल पहला लॉट को तीन माह निर्माण करने का लक्ष्य है। ताकि शेष को अगले साल मार्च तक पूरा किया जा सके।

कौशिक मित्रा, सीपीआरओ, पूर्व रेलवे कोलकाता

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