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गंगोता जाति की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं

गंगोता जाति को जनजाति में शामिल करने को लेकर सोमवार को गंगोत्री जागरण मंच ने शहीद स्मारक के पास धरना दिया। साथ ही अपने मांगों से संबंधित ज्ञापन भी डीएम को...

गंगोता जाति की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं
हिन्दुस्तान टीम,मुंगेरTue, 15 Oct 2019 12:36 AM
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गंगोता जाति को जनजाति में शामिल करने को लेकर सोमवार को गंगोत्री जागरण मंच ने शहीद स्मारक के पास धरना दिया। साथ ही अपने मांगों से संबंधित ज्ञापन भी डीएम को सौंपा।

धरना संस्था के संस्थापक सह महासचिव प्रमोद कुमार मंडल के नेतृत्व में हुआ। मौके पर वक्ताओं ने कहा कि वर्षो से गंगोता जाति उपेक्षित हैं। लगातार धरना, प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को गंगोता जाति को एसटी की श्रेणी में लाने के लिए रैली, धरना व प्रदर्शन के माध्यम से अवगत कराया जाता रहा है। बावजूद गंगोता जाति की अनदेखी की जा रही है, जिसे अब बर्दास्त नहीं किया जायेगा। महासचिव श्री मंडल ने बताया कि विधानसभा में सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने 20 जुलाई 19 को ही आश्वस्त किया था कि गंगोता जाति को जनजाति में शामिल करने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास भेजा जायेगा। साथ ही उन्होंने पटना के एएन सिन्हा इंस्टीच्यूट से एथनोग्राफिक रिपोर्ट कराए जाने की बात कही थी। 19 जून 19 को उक्त संस्थान से उन्हें इसकी रिपोर्ट भी मिल गयी। बावजूद वह रिपोर्ट अब तक केन्द्र सरकार के पास नहीं भेजी गयी। बल्कि वह सचिवालय पटना में ही पड़ा हुआ है। इससे गंगोता जाति के लोगों में काफी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि गंगोता जाति के प्रति सरकार की मंशा को देख हमलोगों को बाध्य हो पुन: आंदोलन पर उतरना पड़ा है। अगर इस पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो इसे जनांदोलन का रूप देना पड़ेगा। धरना में नंदलाल मंडल, डा. चतुर्भुज शर्मा, अगहनु मंडल, सियालाल मंडल, सदानंद , डा. कृष्णानंद सहित मुंगेर, मधेपुरा, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर सहित अन्य जिलों के गंगोता समाज के लोग शामिल हुए।

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