ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल से बैंक कारोबार ठप

Feb 13, 2026 01:03 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुंगेर
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भाग 1000 करोड़ का लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान बैंक कर्मियों ने किया कार्य का बहिषकार बैंक एंप्लॉयई यूनियन सहित जिले के विभिन्न बैंकिंग संगठनों ने इ

ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल से बैंक कारोबार ठप

मुंगेर, निज प्रतिनिधि। ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल पर गुरुवार को बैंक कर्मचारियों ने कार्य का बहिष्कार किया। बैंक एंप्लॉयई यूनियन सहित जिले के विभिन्न बैंकिंग संगठनों ने इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग लिया। स्टेट बैंक को छोड़ सभी बैंक शाखाएं बंद रहीं, जिससे आम जनता को लेन-देन संबंधी कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अनुमान है कि इस एक दिवसीय हड़ताल के कारण मुंगेर जिले में लगभग 1000 करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ। ----- हड़ताल में इन संगठनों की रही सहभागिता : हड़ताल में एआईबीईए, एआईबीओसी, एनसीबीई जैसे प्रमुख बैंकिंग कर्मचारी संगठनों ने सक्रिय भागीदारी रही।

इन संगठनों ने अपने सदस्यों से सीधे तौर पर हड़ताल में शामिल होने की अपील की थी, जिसके परिणामस्वरूप सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। हालांकि, एटीएम सेवाएं आंशिक रूप से चालू रहीं, लेकिन उनमें नकदी की उपलब्धता सीमित देखी गई। ----- बैंक कर्मियों ने अपनी संयुक्त मांगों को लेकर किया विरोध दर्ज : बैंक कर्मियों ने अपनी संयुक्त मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। उनकी प्रमुख मांगों में मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को वापस लेना, बैंकों, एलआईसी और जीआईसी में निजीकरण व विनिवेश पर रोक लगाना शामिल था। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बेचने के निर्णय को वापस लेने और बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की वृद्धि को निरस्त करने की मांग भी उठाई गई। सामान्य बीमा कंपनियों के विलय, पर्याप्त भर्तियां सुनिश्चित करने और युवाओं को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने की मांगें भी रखी गईं। मुंगेर इकाई के नेतृत्व में जिले के विभिन्न बैंक संगठनों ने संयुक्त रूप से इस हड़ताल में भाग लिया। ------ हड़ताल के कारण काम प्रभावित, लोगों ने क्या कहा: हड़ताल के कारण चेक क्लीयरेंस, नकद जमा-निकासी, ड्राफ्ट और अन्य आवश्यक बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। व्यापारियों और ग्राहकों को पूरे दिन परेशानी झेलनी पड़ी। बैंक संगठनों का कहना है कि यह हड़ताल कर्मचारियों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए एक आवश्यक कदम है। केनरा बैंक से बिना निकासी किये वापस लौटी शाहीन परवीन ने कहा कि हड़ताल के संबंध में हमें जानकारी नहीं थी। पैसे की सख्त आवश्यकता थी जिसके कारण मैं केनरा बैंक आई थी। लेकिन हड़ताल के कारण राशि नहीं मिल पाई। लिहाजा मुझे दूसरों से लेना पड़ा। वहीं नौवागढ़ी के विनोद मंडल ने कहा कि राशि निकासी के लिए पंजाब नेशनल बैंक आया था। पैसे की सख्त आवश्यकता है इसलिए कि मुझे अपने बेटे का इलाज करना था। लेकिन बैंक बंद रहने से अपने बेटे का इलाज नहीं करा पाए जबकि सारिका देवी, ममता देवी , मनोज सिंह ने बताया राशि निकालने के लिए सेंट्रल बैंक आए थे ,लेकिन बैंक हड़ताल के कारण राशि नहीं मिल पाया। राशि नहीं मिलने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बहरहाल बैंक के हड़ताल रहने से आम जनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा ------ गलत समझौते का पूरी शक्ति और ऊर्जा से विरोध करने का किया आह्वान मुंगेर, निज प्रतिनिधि। भारत-अमेरिका व्यापार समझौता एवं श्रमिकों के खिलाफ लाए जा रहे जन-विरोधी कानून के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को सफल करने को लेकर गुरुवार को विशाल जुलूस का आयोजन किया गया। जुलूस मुंगेर स्टेशन से निकाली गई, जो शहर भ्रमण करते हुए किला स्थित शहीद स्मारक के पास सभा के रूप में तब्दील हो गया। मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के सैकड़ों किसान, मजदूर, नौजवानों ने जुलूस में शामिल होकर सरकार के नीतियों का जमकर विरोध किया। जुलूस का नेतृत्व जिला सचिव भरत मंडल व अध्यक्ष रविंद्र मंडल संयुक्त रूप से कर रहे थे। जुलूस में कार्यकर्ता नारे लगा रहे थे, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता नहीं चलेगा, नई बीज नीति वापस लोगों , एमएसपी कानून की गारंटी करो , 2025 जन-विरोधी बिजली विधेयक वापस लो,किसानों के सभी कर्ज माफ करो , आदि नारे लगा रहे थे। मौके पर मौजूद ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के बिहार राज्य सचिव कृष्णदेव शाह ने सभा में उपस्थित किसान मजदूर को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, 3 फरवरी 2026 को अंतिम रूप दे दिया गया है। यह समझौता संसद में किसान-विरोधी, जन-विरोधी, और कॉरपोरेट-समर्थक है। केंद्रीय बजट पेश होने के ठीक बाद हुआ है। विडंबना यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते की घोषणा एक ऐसे मौके पर की है जब संसद सत्र चल रहा था। इसका भारत, विशेषकर भारतीय किसान समुदाय पर असर पड़ना निश्चित है। उन्होंने कहा कि अमेरिका से आयातित वस्तुओं पर टैरिफ और अन्य गैर-टैरिफ बाधाऔं को शून्य कर देगा। टैरिफ जो भारतीय किसानों के लिए सुरक्षा कवच था। इसे अब समाप्त किया जा रहा है और इससे अमेरिका से डेयरी उत्पादों की बाढ़ आने का रास्ता खुल जाएगा। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा हम सभी संघर्षरत लोगों, विशेष कर किसानों से अपील करते हैं कि वे इस गलत समझौते का पूरी शक्ति और ऊर्जा से विरोध करने के लिए आगे आए। सभा में उपस्थित नारायण यादव, कामेश्वर रंजन, सुधीर यादव, भुवनेश्वर तांती, शेखर तांती, उत्तम दास, रामचंद्र मंडल, विश्वनाथ मंडल, मंटू यादव, वकील यादव आदि मौजूद थे। ---------------------------------------------- कर्मियों ने मुख्य गेट पर लगाया ताला मुंगेर, निज प्रतिनिधि। ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाई एसोसिएशन के आह्वान पर देश भर के तमाम भारतीय जीवन बीमा निगम कार्यालय के साथ मुंगेर में भी तालाबंदी हुआ। मुंगेर शाखा कार्यालय भी पूरी तरह बंद रहा ,जिसमें मुंगेर शाखा के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सरकार एवं प्रबंधन के गोदी कर्मचारियों ने हड़ताल का विरोध किया। बंद को संबोधित करते हुए शाखा सचिव कामरेड दिनेश कुमार ने कहा कि बंद पूरी तरह सफल रहा। यह बंदी सरकार के कर्मचारी विरोधी व मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ था। श्रमिकों एवं कर्मचारियों को गुलामी में तब्दील करने वाला चारों लेबर कोड, एफडीआई, ठेका प्रथा ,बेरोजगारी ,महंगाई के विरोध में था। यह बंदी सरकार से मांग करती है कि बीमा विभाग में तृतीय व चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी का शीघ्र बहाली हो। पुराना पेंशन लागू हो। कर्मियों के तमाम मुद्दे पर प्रबंधक यूनियन से बातचीत करें। यह बंदी यह भी मांग करती है कि तमाम सार्वजनिक क्षेत्र को सरकार संरक्षित करें। तथा रिक्त पदों पर जल्द बहाली करें। हड़ताल का नेतृत्व मुख्य रूप से प्रदीप कुमार ,आलोक कुमार, आशुतोष कुमार ,दीपक कुमार ,भावना कुमारी, प्रांजल पवन कर रहे थे। ------------------------------------------------------------ हड़ताल पर रहीं आशा कार्यकर्ता, एसबीआई छोड़ सभी बैंक रहे बंद तारापुर,निज संवाददाता। गुरुवार को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों द्वारा श्रम संहिताओं एवं अन्य मांगों के विरोध में बुलाए गए देशव्यापी हड़ताल का असर तारापुर में दिखा। सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम आवाजाही रही। एसबीआई को छोड़कर अलग - अलग बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा, जिससे ग्राहकों को लेन-देन में परेशानी उठानी पड़ी। सार्वजनिक परिवहन आंशिक रूप से प्रभावित होने से दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और वद्यिार्थियों को खासा दक्कितों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को बाजार और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में कठिनाई हुई। बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ,जिला शाखा मुंगेर के आह्वान पर अनुमंडलीय अस्पताल तारापुर परिसर में क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं ने हड़ताल का समर्थन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष प्रेमलता कुमारी ने की। संघ द्वारा जारी पत्र के आलोक में आयोजित इस प्रदर्शन में आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभन्नि मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। वक्ताओं ने कहा कि राज्य कमेटी के नर्णियानुसार अखिल भारतीय आम हड़ताल के अवसर पर आशा एवं फैसिलिटेटर कार्यकर्ता हड़ताल पर रहे। ------------------- नए लेबर कोड का विरोध, आशा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन मुंगेर। मजदूर विरोधी चार नए लेबर कोड के विरोध में ट्रेड यूनियन के हड़ताल के आहवान पर गुरुवार को आशा एवं फैसिलिटेटर कार्यकर्ता सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शकारियों का नेतृत्व बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ गोपगुट जिला शाखा मुंगेर की अध्यक्ष ऊषा देवी ने किया। आशा कार्यकर्ता मजदूर विरोधी चार लेबर कोड वापस लेने, आशा कार्यकर्ता सहित सभी स्कीम वर्करों को नियमित कर्मचारी घोषित करने, 21 हजार मासिक मानदेय की पूर्ति करने, महंगाई पर रोक लगाने , निजीकरण पर रोक आदि को लेकर नारा लगा रहे थे। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सिविल सर्जन को सौंपा। प्रदर्शन में चंद्रा राय, फूलवती देवी, मेहरू निशा,कल्याणी कुमारी, सीमा कुमारी के साथ महासंघ गोपगुट के मुख्य संरक्षक सतीश प्रसाद सतीश, जिला सचिव रंजन कुमार आदि मौजूद थे।

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