भक्ति और उल्लास के साथ विसर्जन: जय माता दी के उद्घोष से गूंजा मुंगेर, सोझी घाट पर विदा हुईं बड़ी दुर्गा मां

Newswrap हिन्दुस्तान, मुंगेर
share

संख्या में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब ​- विसर्जन यात्रा का मुख्य आकर्षण शक्तिपीठ चंडिका स्थान रहा, जहां सुबह 8:00 बजे विशेष आरती के साथ माता का भव्य

भक्ति और उल्लास के साथ विसर्जन: जय माता दी के उद्घोष से गूंजा मुंगेर, सोझी घाट पर विदा हुईं बड़ी दुर्गा मां

​मुंगेर, निज संवाददाता। आस्था, अटूट विश्वास और भक्ति का संगम रविवार को मुंगेर की सड़कों पर उस वक्त देखने को मिला, जब शेरपुर स्थित वासन्ती बड़ी दुर्गा पूजा समिति की प्रतिमा विसर्जन के लिए निकली। ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ और ‘जय माता दी’ के गगनभेदी जयकारों के बीच मां दुर्गा की प्रतिमा को नम आंखों से सोझी घाट पर विसर्जित किया गया। सुबह से शुरू हुआ विसर्जन का यह सिलसिला देर रात तक चला, जिसमें पूरा शहर मां की भक्ति में सराबोर नजर आया।​शक्तिपीठ चंडिका स्थान में हुई भव्य आरतीः​निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रविवार सुबह ठीक 07:00 बजे शेरपुर स्थित पूजा स्थल से मां की प्रतिमा का विसर्जन जुलूस निकाला गया।

जैसे ही कंधे पर सवार होकर माता मंदिर परिसर से बाहर निकलीं, श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सबसे पहले प्रतिमा को शक्तिपीठ चंडिका स्थान लाया गया, जहां सुबह 08:00 बजे विशेष महाआरती का आयोजन हुआ। चंडिका स्थान में मां के दर्शन के लिए हजारों की भीड़ जुटी रही, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।​नगर भ्रमण: 21 पड़ावों से होकर गुजरी शोभायात्राः​चंडिका स्थान से विदा होकर माता का कारवां शहर के विभिन्न प्रमुख चौकों से होकर गुजरा। विसर्जन रूट पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने माता का स्वागत किया। दोपहर 12:45 बजे जब प्रतिमा गांधी चौक पहुंची, तो वहां पैर रखने की भी जगह नहीं थी। इसके बाद शादीपुर दुर्गा स्थान, कौड़ा मैदान और कस्तूरबा वाटर होते हुए जुलूस आगे बढ़ा। विसर्जन मार्ग में कई स्थानों पर आदिवासी समुदायों द्वारा पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य पेश किया गया। स्थानीय कलाकारों द्वारा विसर्जन मार्ग पर बनाई गई आकर्षक रंगोलियों ने हर किसी का मन मोह लिया।​56 भोग और आस्था का सैलाबः​शोभायात्रा के दौरान भक्तों में गजब का उत्साह देखा गया। मार्ग में कई स्थानों पर विभिन्न संस्थाओं और श्रद्धालुओं द्वारा मां को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। सुबह 10 बजे से ही लोग सड़कों के किनारे, छतों और छज्जों पर माता के अंतिम दर्शन के लिए डटे रहे। भक्तों ने ताली बजाकर और जयकारे लगाकर पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया।​प्रशासनिक सतर्कता: ड्रोन से रखी गई नजरः​विसर्जन को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सदर एसडीओ शैलेंद्र कुमार सिंह और एसडीपीओ अभिषेक आनंद खुद मोर्चा संभाले हुए थे। शहर के हर चौक-चौराहे पर पुलिस बल और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली गई। कई संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारी और थानाध्यक्ष स्वयं गश्त करते दिखे।​सोझी घाट पर हुआ विसर्जनः​शाम होते-होते प्रतिमा बाटा चौक और 01 नंबर ट्रैफिक होते हुए बड़ी महावीर स्थान पहुंची। यहां आरती के बाद जुलूस भगत सिंह चौक होते हुए सोझी घाट के लिए रवाना हुआ। रात लगभग 09:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां की प्रतिमा को गंगा में प्रवाहित किया गया। विसर्जन के साथ ही चैती दुर्गा पूजा का समापन हो गया और भक्तों ने भारी मन से माता को विदाई दी।​एक नजर विसर्जन रूट और समय पर:स्थान समयपूजा स्थल (शेरपुर) सुबह 07:00 बजेचंडिका स्थान सुबह 08:00 बजेआई टी सी पार्क सुबह 08:45 बजेनीलम चौक दोपहर 12:30 बजेशादीपुर दुर्गास्थान दोपहर 01:45 बजेजुबली वेल शाम 04:45 बजेबाटा चौक शाम 05:45 बजेसोझी घाट (विसर्जन) रात 09:00 बजे

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।