
बाधा हुईं दूर अब, मुंगेर मिर्जाचौकी फोरलेन कार्य में आएगी तेजी
मुंगेर मिर्जाचौकी फोरलेन का निर्माण कार्य अब तेजी से चल रहा है। रेलवे द्वारा एनओसी मिलने के बाद पाटम में गार्डर सफलतापूर्वक चढ़ा दिया गया है। 26 किलोमीटर लंबा यह कार्य 885 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है और 2026 में पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि, किसानों को लिंक पथ की दूरी से परेशानी हो रही है।
मुंगेर, निज प्रतिनिधि। कई समस्याओं से घिरे मुंगेर मिर्जाचौकी फोरलेन निर्माण कार्य में अब तेजी आ गई है। मुंगेर से घोरघट तक लगभग 26 किलोमीटर प्रथम फेज में कार्य चल रहा है। सबसे बड़ी बाधा पाटम में रेलवे लाइन के ऊपर गार्डर चढ़ाने की थी। जो एक सप्ताह पहले ही रेलवे की ओर से एनओसी मिलने के बाद गार्डर को सफलतापूर्वक चढ़ा दिया गया है। इस तरह मुंगेर से घोरघट तक सड़क निर्माण कार्य में सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। महमदा मौजा में भी प्रशासन की ओर से निर्माण एजेंसी को पजेसन दिलाया गया है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो नए साल 2026 में लोगों को फोरलेन का तोहफा मिल जाएगा।
---- रेलवे ने दिया एनओसी, चढ़ गया गर्डर, 2026 में बनकर तैयार हो जाएगा फोरलेन: फोरलेन निर्माण के तहत सबसे बड़ी समस्या पाटम में रेल लाइन को पार करने के लिये रेलवे से एनओसी मिलने में काफी समय लग गया। इतना ही नहीं शटडाउन का भी आदेश देकर रेलवे ने निर्माण कंपनी को सहयोग किया। गौरतलब है कि मुंगेर से मिर्जाचौकी तक बन रहे फोरलेन निर्माण के तहत पहले फेज में मुंगेर से घोरघट तक 26 किलोमीटर में 885 करोड़ रुपये की लागत से कार्य चल रहा है। पाटम कन्हैयाचक से बरियारपुर कृष्णानगर तक लगभग 15 किलोमीटर तक सड़क पर बड़ी तथा छोटी वाहन का आवागमन भी कई महीने से जारी है। या यूं कहें कि वर्तमान में यह बाईपास सड़क की भूमिका भी निभा रही है। मुंगेर, जमालपुर सहित अन्य क्षेत्र के लोग कम समय में ही बरियारपुर पहुंच जाते हैं। --------- सात किलोमीटर से भी अधिक दूरी पर है लिंक पथ, किसानों को होती है परेशानी: निर्माणाधीन मुंगेर मिर्जाचौकी फोरलेन में किसानों एवं आमलोगों की परेशानियों को नजरअंदाज किया गया है। हरदियाबाद के बाद चिड़ैयाबाद में ही लिंक पथ दिया गया है। जिसकी दूरी सात किलोमीटर से भी अधिक है। इस प्रकार सड़क निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के बाद खासकर गढ़ीरामपुर, महमदा गढ़ी, पाटम आदि गांव के लोगों को अपने खेतों तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाएगा। जगह-जगह लिंक पथ को लेकर किसानों ने अपनी भवनाओं से अधिकारियों को अवगत भी करा चुके हैं। बावजूद कोई सामाधान नहीं निकाला गया है। ---- मुंगेर मिर्जाचौकी फोरलेन के तहत मुंगेर से घोरघट तक 885 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य चल रहा है। निर्मार्ण कार्य में सबसे बड़ी बाधा पाटम में रेलवे से एनओसी प्राप्त करना था। जो लंबे समय से अटका हुआ था। एक सप्ताह पहले रेलवे ने एनओसी दिया और गार्डर को रेलवे लाईन के ऊपर चढ़ा दिया गया है। अब निर्माण कार्य में कहीं कोई बाधा नहीं रह गई है। निर्माण कार्यों में भी तेजी आई है। 2026 में निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। मनीष कुमार, परियोजना डायरेक्टर, एनएचएआई।

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