ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News बिहार मुंगेरमरीजों के लिए सदर अस्पताल में शुरू नहीं हो सकी एमआरआई जांच की सुविधा

मरीजों के लिए सदर अस्पताल में शुरू नहीं हो सकी एमआरआई जांच की सुविधा

ताल में एमआरआई के लिए जगह है उपलब्ध लेकिन सरकार ने नहीं मांगा है प्रस्ताव मुंगेर, निज संवाददाता : सदर अस्पताल में एमआरआई (मैगनेटिक रेजोनेंस इमेजिंग)...

मरीजों के लिए सदर अस्पताल में शुरू नहीं हो सकी एमआरआई जांच की सुविधा
हिन्दुस्तान टीम,मुंगेरMon, 04 Dec 2023 12:31 AM
ऐप पर पढ़ें

मुंगेर, निज संवाददाता : सदर अस्पताल में एमआरआई (मैगनेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) जांच की सुविधा नहीं रहने के कारण मरीज को शहर के एक निजी क्लीनिक या पटना अथवा भागलपुर जाकर 8 से 10 हजार रुपये खर्च कर एमआरआई जांच करानी पड़ रही है। सरकार द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मिशन-60 और मिशन क्वालिटी अभियान चला कर आधारभूत संरचना को तो सूदृ़ढ कर दिया गया। अस्पताल की आधारभूत संरचना को सूदृ़ढ करते हुए मिशन क्वालिटी के तहत मरीजों के जांच व इलाज के लिये अस्पतालों में हरसंभव उपकरण व जांच की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई। सदर अस्पताल में मरीजों के लिए एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जांच की नि:शुल्क व्यवस्था है। इसके अलावा पीपीई मोड पर डायलिसिस और सिटी स्कैन की भी सुविधा उपलब्ध है। परंतु एमआरआई (मैगनेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) जांच की सुविधा सदर अस्पताल में नहीं रहने के कारण स्पाइनल डिजीज और ब्रेन ट़्यूमर के मरीज शहर के निजी क्लीनिक में या पटना अथवा भागलपुर जाकर एमआरआई जांच कराने को विवश हैं। निजी क्लीनिक में एमआरआई जांच कराने में मरीज को 8 से 10 हजार रुपये खर्च करना पड़ता है। जबकि भागलपुर या पटना के सरकारी अस्पताल में एमआरआई जांच के लिए मरीज को समय के साथ आने जाने का अतिरिक्त भाड़ा की राशि खर्च करनी पड़ती है।

-----

जगह तो है उपलब्ध लेकिन नहीं मांगा गया है प्रस्ताव:

राज्य सरकार द्वारा मुंगेर सदर अस्पताल में एमआरआई जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अब तक प्रस्ताव ही नहीं मांगा गया है। जबकि इसके लिए सदर अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में जगह उपलब्ध है। सिविल सर्जन के अनुसार एमआरआई जांच की सुविधा मेडिकल कॉलेज के ही सरकार प्रदान करती है। मुंगेर में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास हुआ है, मेडिकल कालेज बन जाने के बाद एमआरआई की सुविधा अवश्य उपलब्ध होगी। वहीं अस्पताल उपाधीक्षक डा.रमण कुमार बताते हैं कि अस्पताल में पीपीई मोड पर एमआरआई जांच अगर शुरू किया जाता है तो मरीज को आर्थिक रूप से बहुत फायदा हो सकेगा। साथ ही पटना या भागलपुर जाने से भी मरीज बच सकेंगे।

----------

एमआरआई जांच से चलता है स्पाइनल डिजीज या ब्रेन ट्यूमर का पता

सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी तथा शहर के प्रसिद्ध फिजिशियन डा. कुमार रंजन बताते हैं कि स्पाइनज डिजीज, बोन डिजीज या ब्रेन ट्यूमर के मरीज का एमआरआई टेस्ट कराया जाता है। एमआरआई टेस्ट में उक्त बीमारी का सटीक पता पाता है और जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीज का उपचार संभव हो पाता है। सदर अस्पताल में एमआरआई जांच की सुविधा आवश्यक है। क्योंकि यहां समूचे जिला के पीएचसी से रेफर होकर गंभीर बीमारी के मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में मरीज के बीमारी की सटीक जानकारी के लिए एमआरआई जांच जरूरी है।

-------

बोले सिविल सर्जन

सदर अस्पताल में एमआरआई जांच की सुविधा आरंभ करने के लिए पर्याप्त मात्रा में जगह उपलब्ध है। परंतु सरकार द्वारा इसके लिए अब तक ना तो कोई प्रस्ताव दिया गया है ना ही जमीन की डिमांड की गई है। सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेज में ही एमआरआई जांच की सुविधा प्रदान की जाती है। अगर सदर अस्पताल में पीपीई मोड पर एमआरआई जांच की सुविधा सरकार उपलब्ध कराती है तो मरीजों को काफी हद तक जांच में फायदा मिल सकेगा। पटना में होने वाले विभागीय बैठक में सदर अस्पताल में एमआरआई जांच आरंभ करने का मुद्दा उठाया जाएगा।

- डा.पीएम सहाय, सिविल सर्जन, मुंगेर।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें