भीषण गर्मी में लू से बचाव जरूरी, लक्षण दिखते ही लें चिकित्सकीय सलाह
डॉ. प्रदीप कुमार ने गर्मी के मौसम में लू के बढ़ते खतरे के बारे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि तेज धूप में रहने, पानी की कमी और अत्यधिक गर्म वातावरण से लू लग सकती है। लू के लक्षणों में तेज सिरदर्द, चक्कर आना, और बेहोशी शामिल हैं। लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

हवेली खड़गपुर, निज संवाददाता अनुमंडल अस्पताल में पदस्थापित चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार ने बढ़ती गर्मी और तेज धूप को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में लू यानी हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है। समय पर सावधानी नहीं बरतने पर यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है। लू लगने के कारण
लू के प्रमुख लक्षण
डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि अधिक देर तक तेज धूप में रहने, शरीर में पानी की कमी होने तथा अत्यधिक गर्म वातावरण में काम करने से शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर का कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है और व्यक्ति हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाता है।
लक्षण
उन्होंने बताया कि लू लगने पर तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, तेज धड़कन, शरीर का तापमान 104 डिग्री फॉरेनहाइट से अधिक होना, त्वचा का लाल व गर्म हो जाना तथा पसीना बंद होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। गंभीर स्थिति में व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है।
बचाव के उपाय
चिकित्सक ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी। बाहर निकलने पर सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढंकें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं तथा हल्के सूती कपड़े पहनें। नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, ओआरएस और मौसमी फल शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा बीपी, डायबिटीज और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
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