एक एएनएम के सहारे संचालित हो रहा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र, सजुआ
असरगंज के सजुआ पंचायत स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 16 वर्षों से जर्जर भवन में संचालित है। स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के कारण रोगियों को उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है। केंद्र में केवल एक एएनएम द्वारा ओपीडी सेवा चल रही है, जबकि आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हैं।

असरगंज, निज संवाददाता। ग्रामीण क्षेत्रों में समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जहां एक और सरकार स्वास्थ्य उपकेंद्र एवं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलकर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने की दवा कर रही है। वहीं असरगंज प्रखंड क्षेत्र के सजुआ पंचायत स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सजुआ अपने स्थापना काल के 16 वर्षों के बाद भी सामुदायिक भवन के जर्जर कमरे में संचालित हो रहा है। केन्द्र पर सृजित पदों पर स्वास्थ्य कर्मियों की पदस्थापना नहीं होने से क्षेत्र के रोगियों को समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। केन्द्र पर सिर्फ ओपीडी सेवा मात्र एक एनएम के सहारे चल रहा है।
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र का उद्घाटन 16 वर्ष पहले पूर्व स्वास्थ मंत्री शकुनी चौधरी ने किया था। उद्घाटन के समय क्षेत्र के ग्रामीण जनता में खुशी की लहर दौड़ पड़ी थी कि, अब रोगियों को 5 किलोमीटर दूर प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र असरगंज नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन उक्त अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र पर अभी तक सृजित पद पर चिकित्सक, फर्मासिस्ट, ड्रेसर, एलटी, लिपिक एवं चतुर्थ वर्गीय स्वास्थ कर्मी की नियुक्ति नहीं किए जाने से क्षेत्र के आम लोगों को समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। केन्द्र पर पदस्थापित चिकित्सक डॉ किष्टो कुमार वर्षों से सिविल सर्जन कार्यालय मुंगेर में प्रतिनियुक्ति पर हैं। वहीं केन्द्र में पदस्थापित आयुष चिकित्सक डॉ निधि कुमारी की प्रतिनियुक्ति सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र असरगंज में चिकित्सक की कमी के कारण ड्यूटी ली जा रही है। एक एएनएम रीना कुमारी की भी ड्यूटी सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र में ली जा रही है। वर्तमान में केन्द्र मात्र एक एएनएम प्रेमलता कुमारी के सहारे ओपीडी सेवा चल रहा है। एक एएनएम केन्द्र पर रहने के कारण उनके छुट्टी पर जाने से उस दिन केन्द्र बंद रहता है। केन्द्र पर 194 की जगह 151 तरह की ही दवाईयां उपलब्ध है। केन्द्र पर टिटवेक एवं एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। पंचायत के मुखिया धर्मेंद्र मांझी, सरपंच सीताराम यादव, पूर्व मुखिया गणपति यादव, परमानंद यादव, पूर्व सरपंच योगेंद्र विश्वास आदि ने बताया कि सृजित पद पर स्वास्थ्य कर्मी बहाल नहीं होने से लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है। बाले चिकित्सा पदाधिकारी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र सजुआ जर्जर भवन में संचालित है। नए भवन निर्माण के लिए अंचल कार्यालय से जमीन उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। जमीन उपलब्ध होते ही भवन निर्माण कराया जाएगा। सृजित पद पर स्वास्थ कर्मी के अभाव में हो रही परेशानी से वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है। डॉ प्रवेश अख्तर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, असरगंज।
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