खबर का असर: कुतलूपुर व जाफरनगर में 12.80 करोड़ से कटावरोधी कार्य शुरू, ग्रामीणों में खुशी
मुंगेर के कुतलूपुर और जाफरनगर पंचायत में कटाव की समस्या को लेकर प्रशासन ने 8 नवंबर के बाद कार्रवाई की। 5.40 करोड़ रुपये की लागत से कुतलूपुर में जियो-बैग कार्य शुरू हुआ है। जाफरनगर में 7.40 करोड़ रुपये की लागत से कटावरोधी कार्य कराया जाएगा। ग्रामीणों ने हिंदुस्तान अखबार का आभार जताया।

मुंगेर, निज प्रतिनिधि। सदर प्रखंड की गंगा तटवर्ती कुतलूपुर और जाफरनगर पंचायत में कटाव की समस्या को लेकर हिन्दुस्तान में लगातार खबरें प्रकाशित होने का असर हुआ है। 8 नवंबर को प्रमुखता से खबर छपने के बाद प्रशासन हरकत में आया और अब दोनों पंचायतों में कटावरोधी कार्य शुरू कर दिया गया है। कार्य शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी है और उन्होंने हिंदुस्तान अखबार के प्रति आभार जताया है। कटाव कार्य शुरू कराने में उप प्रमुख के प्रतिनिधि चंदन चौधरी ने भी मुख्य भूमिका निभाया।
कटावरोधी कार्य की लागत
कुतलूपुर पंचायत के हरी बाबू टोला में कटाव रोकने के लिए 5 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से 200 मीटर लंबाई में जियो-बैग का कार्य होगा। इसकी जिम्मेदारी फुलेना कंस्ट्रक्शन, बेगूसराय को दी गई है। साइट पर मशीनें पहुंच चुकी हैं और मिट्टी भराई का काम शुरू हो गया है।
जाफरनगर पंचायत में कार्य
वहीं जाफरनगर पंचायत में 7 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से 500 मीटर लंबाई में कटावरोधी कार्य कराया जाएगा। सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर कार्य का शुभारंभ किया गया। यहां काम की जिम्मेदारी मुजफ्फरपुर के संवेदक मृत्युंजय कुमार को मिली है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, बेगूसराय के कार्यपालक अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि दोनों जगह काम शुरू करा दिया गया है। संवेदकों को बरसात से पहले यानी जून तक कार्य पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया गया है, ताकि आगामी मानसून में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर गांवों को कटाव से बचाया जा सके।
स्थायी समाधान की मांग
गौरतलब है कि हर साल गंगा का कटाव कुतलूपुर व जाफरनगर के दर्जनों घरों और सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन को निगल रहा था। ग्रामीण लंबे समय से स्थायी समाधान की मांग कर रहे थे। हिंदुस्तान में सिलसिलेवार खबरें छपने के बाद विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम आवंटित किया।
ग्रामीणों की खुशी
कार्य शुरू होने पर ग्रामीण मंटून चौधरी,विवेकानंद यादव, विक्रम कुमार, धनराज पासवान, रामविलाश पासवान, ने कहा कि अब घर-खेत बचने की उम्मीद जगी है। कटाव रुकने से पलायन भी रुकेगा। लोगों ने इसके लिए हिंदुस्तान का आभार जताया।
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