Empty land of Waqf Board is becoming a canker - नासूर बनती जा रही है वक्फ बोर्ड की खाली जमीन DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नासूर बनती जा रही है वक्फ बोर्ड की खाली जमीन

नासूर बनती जा रही है वक्फ बोर्ड की खाली जमीन

मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मय इलाके में वक्फ बोर्ड की जमीन पर रविवार को अवैध निर्माण पर रोक लगाने गई पुलिस पर पथराव के बाद स्थिति नियंत्रण में है लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह जमीन नासूर बनती जा रही है।

वक्फ बोर्ड की जमीन अतिक्रमण कर घर बनाने का मामला नया नहीं नहीं है। पहले भी यहां झड़प हो चुकी है। इसके बाद भी स्थायी समाधान नहीं किया गया। वक्फ बोर्ड की जमीन पर इंदिरा आवास आवंटन पर भी सवाल उठाये जाने लगे हैं।

जानकार बताते हैं कि जमीन पर मालिकाना हक रहने पर संबंधित लोगों को इंदिरा आवास का आवंटन किया जाता है। वक्फ बोर्ड की जमीन पर इंदिरा आवास का आवंटन किस तरह किया गया इसकी उच्च स्तरीय जांच करायी जाए तो बड़े खेल का पर्दाफाश हो सकता है।

विकराल होती जा रही समस्या: मय इलाके में 25 बीघे में वक्फ बोर्ड की जमीन है। बिहार सुन्नी वक्फ बोर्ड ने उक्त जमीन की देखरेख के लिए गुलाब साह को मोतब्बली नियुक्त किया है। अधिकांश तौफिर दियारा के विस्थापित लोग वक्फ बोर्ड की जमीन पर घर बनाकर रहने लगे। यह सिलसिला वर्षों से चला आ रहा है। लोगों का आरोप है मोतब्बली गुलाब साह रुपये लेकर वक्फ बोर्ड की जमीन पर घर बनाने की इजाजत दे दी।

इस बाबत गुलाब साह ने कहा कि तौफिर दियारा के लोगों ने जबरदस्ती जमीन का अतिक्रमण कर घर बना लिया है। उन्होंने बताया कि वक्फ बोर्ड पटना को जमीन अतिक्रमण करने की जानकारी दी गई थी। वहां से 7-4-2010 को जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए डीएम को पत्र भी आया था। इसके बाद 2013 में बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम की धारा 133 की कार्यवाही में माफी के बाद भी अतिक्रमण का मामला सामने आया। उन्होंने बताया कि समय-समय पर वह प्रशासन को जमीन अतिक्रमण को लेकर सूचित करते रहे लेकिन समस्या का हल नहीं किया गया और अब उनपर रुपये लेकर लोगों को जमीन देने का आरोप लगाया जा रहा है।

वक्फ बोर्ड की जमीन पर इंदिरा आवास का आवंटन बड़ा सवाल: वक्फ बोर्ड की जमीन पर इंदिरा आवास का आवंटन किया जाना सवालों के घेरे में है। यह प्रशासनिक लापरवाही है या फिर जालसाजी कर इंदिरा आवास का आवंटन करा लिया गया इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा लेकिन अभी इसे लेकर घालमेल की बातें कही जा रही है। मोतब्बली गुलाब साह ने कहा कि वक्फ बोर्ड की जमीन पर इंदिरा आवास का निर्माण की जांच हो तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। यह बात भी सामने आयी है कि इंदिरा आवास का आवंटन दूसरी जमीन पर कराकर लाभुकों ने वक्फ बोर्ड की जमीन पर आवास का निर्माण करा लिया है।

पहले कब्जा फिर बेचते हैं जमीन: यह बात भी सामने आयी है कि वक्फ बोर्ड की चार-पांच कट्ठे जमीन पहले लोग लेते है और इसके बाद दूसरे लोगों को उसी जमीन का आधा भाग देकर मोटी कमाई करता है। जमीन पर झोपड़ी निर्माण से लेकर पक्का मकान तक बनाने में जमीन माफिया को रकम देना होता है। माफिया के लिए वक्फ बोर्ड की जमीन दुधारू गाय बन गई है।

जांचकर दोषियों पर दर्ज करायी जाएगी प्राथमिकी: एसडीओ डा. कुन्दन कुमार ने बताया कि वक्फ बोर्ड की जमीन पर तौफिर दियारा के विस्थापित लोगों को अवैध रूप से बसाया गया है। लोगों का आरोप है कि मोतब्बली गुलाब साह ने रुपये लेकर लोगों को अवैध रूप से जमीन पर दखल दे दिया और वे लोग घर बनाकर रह रहे हैं। वक्फ बोर्ड की जमीन पर नवनिर्माण या मरम्मत कार्य पर रोक के बाद भी निर्माण कार्य चल रहा था। उन्होंने बताया कि सीओ को जांच का आदेश दिया गया है।

जांच में वक्फ बोर्ड की जमीन पर गलत तरीके से कब्जा दिलाने एवं जिनलोगों ने कब्जा कर रखा है दोनों पर प्राथमिकी दर्ज करायी जाएगी। उन्होंने बताया कि वक्फ बोर्ड की जमीन पर इंदिरा आवास आवंटन की भी जांच करायी जाएगी। ऐसी परिस्थिति में कई लोग पर गाज गिर सकती है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Empty land of Waqf Board is becoming a canker