जमालपुर स्टेशन के प्लेटफार्म 2 पर मची भगदड़, साइरन बचते ही 30 मिनट तक यात्रियों में रही अफरातफरी
जमालपुर स्टेशन पर रविवार को एक इमरजेंसी रिस्पांस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। ट्रेन संख्या 22309 वंदे भारत एक्सप्रेस के आगमन पर भगदड़ जैसी स्थिति बनाई गई। आरपीएफ, जीआरपी और स्टेशन प्रशासन ने घायल यात्रियों को सुरक्षित निकाला। यह ड्रिल त्योहारों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई थी।

जमालपुर, निज प्रतिनिधि। जमालपुर स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 2 पर रविवार की दोपहर 2.20 बजते ही ट्रेन नंबर 22309 वंदे भारत एक्सप्रेस आई, तभी अचानक इमरमेंजी सायरन बजने लगी। सायरन बजते ही जमालपुर के आरपीएफ, जीआरपी, टीटीई और स्टेशन प्रशासन धरहरा स्टेशन के प्लेटफार्म पर सुरक्षा घेरा बनाया और ट्रेन के अंदर प्रवेश कर घायल यात्रियों को स्ट्रैचर व व्हील चेयर से उतारकर मेडिकल उपचार किया गया। सायरन व मेडिकल टीम सहित पुलिस-प्रशासन को देखकर जहां यात्रियों में अफरातफरी मच गयी, वहीं इमरजेंसी बचाव राहत टीम में भी खलबली मची रही। थोड़ी देर के लिए स्टेशन के प्लेटफार्म पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी।
हालांकि मौजूद पुलिस-प्रशासन और स्टेशन प्रशासन ने यात्रियों को जब बताया कि यह सिर्फ होली के पहले अत्याधिक भीड़ नियंत्रित करने और भगदड़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए एक इमरजेंसी रिस्पांस मॉक ड्रिल का डेमोस्ट्रेशन है, तो यात्रियों की जान में जान आयी। मौके पर प्रभारी स्टेशन अधीक्षक सह सीवाइएम मनोरंजन कुमार ने बताया कि पूर्व रेलवे मालदा के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता, आरपीएफ एएससी हीरा सिंह, जमालपुर एसआरपी विद्या सागर के संयुक्त निर्देश पर जमालपुर स्टेशन पर एक इमरजेंसी रिस्पांस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। ताकि आपाकालीन स्थितियों में भगदड़ जैसी हालात से आसानी से निपटा जा सके। तथा कम समय पर घायलों को राहत पहुंचाने के साथ साथ अत्याधिक भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। मौके पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर नीरज कुमार, सीटीआई अमर कुमार, रेल थानाध्यक्ष स्वराज कुमार, एसआई अर्चना कुमारी, एसआई मुन्ना यादव, एएसआई दिनेश कुमार, महिला सिपाही प्रतिमा, स्वीटी सिन्हा, अमिषा गौतम, आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर जेआर मीणा, एसआई समीर दास, महिला सिपाही पूजा, अंकिता, सचिन, शोभा कुमारी, टीटीई विपिन सिंह, रामकुमार सिंह, पंकज मीणा, मुकेश कुमार, आरके मंडल सहित अन्य मौजूद थे। होली के पूर्व मॉक ड्रिल का था ये मकसद इमरजेंसी हालात से निपटने में रेलवे स्टाफ, आरपीएफ और जीआरपी की तैयारी का अंदाज़ा लगाना। आरपीएफ, जीआरपी और स्टेशन स्टाफ, मेडिकल टीम और लोकल पुलिस (आदर्श थाना जमालपुर) के बीच तालमेल का अंदाज़ा लगाना। प्लेटफॉर्म एरिया से घायल लोगों को बचाने और निकालने में लगने वाले रिस्पॉन्स टाइम को टेस्ट करना। पैसेंजर की सुरक्षा पक्का करना और हालात जल्दी नॉर्मल करना। जमालपुर स्टेशन पर बनाया गया भगदड़ जैसी हालात त्योहारों की भीड़ के दौरान जब प्लेटफ़ॉर्म नंबर 02 पर एक ट्रेन आई, तो एक मॉक इमरजेंसी सिचुएशन बनाई गई। ज़्यादा पैसेंजर मूवमेंट के कारण, ऐसा लगा कि ट्रेन में चढ़ते और उतरते समय कुछ पैसेंजर गलती से घायल हो गए। भगदड़ स्थिति और बचाव में की गई कार्रवाई सीसीटीवी स्टॉफ ने तुरंत वॉकी-टॉकी से आरपीएफ पोस्ट जमालपुर को जानकारी दी, तथा इसके बाद जीआरपी, स्टेशन अधीक्षक और लोकल थाना पुलिस को सूचित किया गया। ऑन ड्यूटी स्टाफ़ और दूसरे मौजूद आरपीएफ कर्मचारी मौके पर पहुंचे और इलाके को सुरक्षित किया। जीआरपी कर्मचारियों ने भीड़ को संभाला और कानून-व्यवस्था बनाए रखी। ऊपर जाने वाले यात्रियों को भीड़ से बचने के लिए किउल-एंड एफओबी तरफ मोड़ दिया गया। घायल लोगों को स्ट्रेचर की मदद से प्लेटफॉर्म से सुरक्षित रूप से हटा दिया गया। घबराहट रोकने और यात्रियों की आवाजाही को रेगुलेट करने के लिए पब्लिक अनाउंसमेंट किए गए। ऑब्ज़र्वेशन और नतीजा 9.1 इंटर-डिपार्टमेंटल कोऑर्डिनेशन ठीक पाया गया। 9.2 कम्युनिकेशन सिस्टम ने अच्छे से काम किया। 9.3 बचाव और निकालने का काम आसानी से और अच्छे से किया गया। वहीं ओसी जीआरपी, एसएस जमालपुर, पीसी जमालपुर की देखरेख में मॉक ड्रिल कामयाब हुआ। वहीं जीआरपी, आरपीएफ और लोकल पुलिस के बीच आपसी समांजस स्थापित हुआ। इस ड्रिल से रियल-टाइम इमरजेंसी से निपटने की तैयारी काफी बेहतर हुई और प्लेटफॉर्म और एफओबी पर यात्रियों की सुरक्षा पक्की हुई।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



