कुर्बानी का यह पर्व हजरत इब्राहीम और हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की सुन्नत की याद दिलाता है: वली फैसल रहमानी

हिन्दुस्तान, मुंगेर
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मुंगेर में ईद उल अजहा (बकरीद) का पर्व पूरे धूमधाम से मनाया गया। नमाज़ के बाद मौलाना फैसल रहमानी ने कुर्बानी के संदेश पर प्रकाश डाला। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, जिससे पर्व शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया। लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और अमन-चैन की दुआ मांगी।

कुर्बानी का यह पर्व हजरत इब्राहीम और हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की सुन्नत की याद दिलाता है: वली फैसल रहमानी

मुंगेर, निज प्रतिनिधि। जिलेभर में गुरुवार को ईद उल अजहा यानी बकरीद का पर्व पूरी अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही ईदगाहों और मस्जिदों में नमाजियों का सैलाब उमड़ पड़ा। आरडी एंड डीजे कॉलेज स्थित ईदगाह में अमीर-ए-शरीयत हजरत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी ने सुबह सात बजे ईद उल अजहा की नमाज अदा कराई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी और मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी। ---------

कुर्बानी का संदेश: त्याग, भाईचारा और इंसाफ:

नमाज से पहले तकरीर में मौलाना फैसल रहमानी ने कहा कि कुर्बानी का यह पर्व हजरत इब्राहीम और हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की सुन्नत की याद दिलाता है। यह सिर्फ जानवर की कुर्बानी नहीं, बल्कि इंसान के अंदर त्याग, बलिदान और अल्लाह के हुक्म के प्रति समर्पण का जज्बा पैदा करने का पैगाम देता है। उन्होंने कहा कि इंसान को हर बुराई, नफरत और जुल्म का रास्ता छोड़कर इंसाफ की राह अपनानी चाहिए। बकरीद आपसी सौहार्द, भाईचारा और मोहब्बत का त्योहार है।

मौलाना ने अपील की कि खुशी के इस मौके पर पड़ोसी, गरीब, असहाय और जरूरतमंदों को भी शामिल करें ताकि हर घर तक त्योहार की खुशियां पहुंचें। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज और देश की तरक्की त्याग और बलिदान से ही संभव है। त्योहार के दौरान इस बात का ख्याल रखें कि आपके किसी कार्य से दूसरे को परेशानी न हो। मौलाना ने शरीयत के रास्ते पर चलने और बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने का संकल्प लेने की भी अपील की।

सुरक्षा रही चाक-चौबंद, क्यूआरटी ने की गश्त:

ईद उल अजहा को लेकर जिले में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही। ईदगाह, जामा मस्जिद सहित शहर की सभी मस्जिदों के बाहर पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई थी। सुरक्षा की कमान सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने संभाली। उनके नेतृत्व में कासिम बाजार थानाध्यक्ष रुबी कांत कच्छप, पूरबसराय थानाध्यक्ष सौरभ कुमार और कोतवाली थानाध्यक्ष राजीव कुमार तिवारी जवानों के साथ मुस्तैद दिखे।

नीलम चौक, कौड़ा मैदान, हजरतगंज, पूरबसराय समेत संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। क्यूआरटी की टीम लगातार शहर में गश्त करती रही। अधिकारियों ने खुद पल-पल की निगरानी की। प्रशासन की सतर्कता और आपसी भाईचारे के कारण जिलेभर में बकरीद का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। नमाज के बाद लोगों ने घरों में कुर्बानी की रस्म अदा की और गरीबों में गोश्त तकसीम किया।

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फोटो तारापुर 1- ईदगाह मैदान में नमाज के बाद एक दूसरे से गले मिल बकरीद की बधाई देते मुस्लिम समुदाय के लोग

उल्लास के साथ मनायी गई बकरीद, गले मिल दी बधाई

तारापुर,निज संवाददाता। तारापुर में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार उल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। स्थानीय मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ईदगाह मैदान गाजीपुर में जामा मस्जिद के पेश इमाम मुजीबुर रहमान ने बकरीद की नमाज अदा करायी। नमाज के बाद हिन्दु एवं मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर आपसी भाईचारे और समरसता का संदेश दिया और बकरीद की मुबारकबाद दी। इसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने परंपरा के अनुसार बकरे की कुर्बानी दी। इस अवसर पर आयोजित तकरीरों में मौलानाओं ने कहा कि ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी करने से सवाब मिलता है और इससे इंसान में त्याग और इंसानियत का भाव विकसित होता है। दोपहर बाद से रात तक लोग अपने-अपने घरों में एक-दूसरे के यहां पहुंचकर लजीज व्यंजनों का स्वाद चखा और आपसी सौहार्द को और मजबूत किया। त्योहार को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह और खुशी देखी गई। बकरीद शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बीडीओ प्रशांत कुमार,पुलिस इंस्पेक्टर विवेक राज,तारापुर अपर थानाध्यक्ष सुबंता कुमारी पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे।

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फोटो जेएमपी: 1: ईदगाह जमालपुर में बकरीद की नमाज पढ़ाने के पूर्व तकरीर करते हुए मो. मोजाहिद

फोटो जेएमपी: 2- ईदगाह में बकरीद की नमाज में विश्व शांति की दुआ मांगते मुस्लिम भाई

फोटो जेएमपी: 3: ईदगाह मैदान में बकरीद की नमाज के बाद गले मिलकर बधाई देते हुए

फोटो जेएमपी: 4: ईदगाह जमालपुर में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन और जनप्रतिनिधिगण

त्याग और बलिदान की रोशनी से दुनिया में जल रहा है इंसानियत का दीया: मोजाहिद

बकरीद में निर्धन व पड़ोसी का भी रखा जाय पूरा ख्याल: फैयाज

ईदगाह और मस्जिदों में गूंजी अमन-चैन की दुआएं, भाईचारे का दिखा अद्भुत नजारा

जमालपुर, निज प्रतिनिधि।

त्याग, बलिदान और इंसानियत का पैगाम देने वाला पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) गुरुवार को जमालपुर में पूरी अकीदत, उत्साह और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। सुबह से ही ईदगाह मैदान और मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने अल्लाह की बारगाह में सजदा कर देश और दुनिया में अमन, चैन और खुशहाली की दुआएं मांगी। जमालपुर ईदगाह मैदान में सदर बाजार मस्जिद के इमाम मो. मोजाहिद के नेतृत्व में सुबह 7.30 बजे बकरीद की नमाज अदा की गई, जबकि वलीपुर मस्जिद में इमाम मो. फैयाज आलम रशीदी ने सुबह 6.45 बजे नमाज पढ़ाई।

नमाज से पहले तकरीर करते हुए इमाम मो. मोजाहिद ने कहा कि बकरीद त्याग, बलिदान और खुदा से सच्ची मोहब्बत का पर्व है। उन्होंने कहा कि अल्लाह के हुक्मों पर चलना ही इंसान की सबसे बड़ी इबादत है। त्याग और कुर्बानी की यही भावना दुनिया में इंसानियत का दीया जलाए रखती है। वहीं वलीपुर मस्जिद में इमाम मो. फैयाज आलम रशीदी ने कहा कि बकरीद केवल कुर्बानी का पर्व नहीं, बल्कि भाईचारे, प्रेम और सामाजिक बराबरी का संदेश भी देता है। उन्होंने कहा कि समृद्ध लोगों को अपने आसपास के गरीब, निर्धन और जरूरतमंद लोगों का विशेष ख्याल रखना चाहिए और कुर्बानी का हिस्सा रिश्तेदारों एवं जरूरतमंदों तक पहुंचाना चाहिए। यही इस पर्व की असली भावना है।

नमाज समाप्त होते ही बच्चों और युवाओं में बकरीद की खुशी साफ दिखाई दी। लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद दी। विभिन्न धर्मों के लोगों ने भी मुस्लिम भाइयों को बकरीद की शुभकामनाएं देकर आपसी भाईचारे और सौहार्द की मिसाल पेश की। ईदगाह मैदान नमाजियों से खचाखच भरा रहा और पूरे इलाके में उत्सवी माहौल बना रहा।

बकरीद को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा:

ईदगाह मैदान, वलीपुर मस्जिद और शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मौके पर आदर्श थाना जमालपुर के एसएचओ पंकज कुमार पासवान, नगर परिषद के एग्जीक्यूटिव विजयशील गौतम, मुख्य पार्षद पार्वती देवी, पार्षद दीपा सिन्हा, राजन मंडल, दिलीप कुमार, पीटीसी कंचन यादव, राजेश रमण, बमबम यादव, आफताब आलम, रिजवान आलम, जियाउल्लाह, वसीम अकरम, ईशा उर्फ चंचल, डॉ. सुमन रजा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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फोटो असरगंज 1- बकरीद के मौके पर मस्जिद के आगे तैनात पुलिस बल

सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया ईद-उल-अजहा

असरगंज, निज संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र में मुस्लिम धर्मावलंबियों का त्योहार बकरीद गुरुवार को शांति एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। असरगंज दूध बाजार, विक्रमपुर, मासूमगंज, चरसा गोदाम, वनगामा, आशा जोरारी, मदारपुर, बिशनपुर, खरवा, भतेरी एवं गोरहो गांव स्थित मस्जिदों में सुबह नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे को बकरीद की बधाई दी। इसके बाद मुस्लिम धर्मावलंबियों ने अपने-अपने घरों में कुर्बानी की रस्म अदा की। पर्व के दौरान विधि व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष विपुल कुमार, अंचल अधिकारी उमेश शर्मा पुलिस बल के साथ क्षेत्र में गश्ती करते रहे।

सामान्य प्रश्न

बकरीद का पर्व कब मनाया गया?
बकरीद का पर्व गुरुवार को मनाया गया।
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