DA Image
25 अक्तूबर, 2020|10:58|IST

अगली स्टोरी

फसल नुक्सान होने से किसानों की टूटी कमर

default image

लॉकडाउन के कारण जिले का अलग-अलग क्षेत्रों को सील कर दिया गया है। इससे किसानों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। जिले की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला राजस्व ग्राम हरिणमार और झौवाबहियार के किसान इन दिनों काफी परेशान हैं।

दोनों पंचायतों में करीब 15-20 हजार से भी ज्यादा किसान खेतीबाड़ी कर अपना जीवन यापन करते हैं। लेकिन लॉकडाउन के कारण किसानों के खेतों में अनाज बर्बाद रहे हैं। खासकर किसानों के खेतों में सब्जियां सड़ रही हैं लेकिन उसका खरीदार नहीं मिल रहा है।

गौरतलब है कि दोनों पंचायतों के किसान खगड़िया जिले के गोगरी-जमालपुर अनुमंडलीय बाजार में व्यवसाय करते हैं। गोगरी शिव मंदिर के पास गंडक पर बने पुल पर प्रशासन की ओर से बेरिकेडिंग कर दिए जाने के कारण लोगों सहित अनाज व सब्जियों की आवाजाही बंद कर दी गई है। ऐसे में सब्जियों की खरीद को व्यापारी हरिणमार और झौवाबहियार नहीं जा पा रहे हैं इससे सब्जियां खेतों में ही सड़ रही है।

कहते हैं किसान: किसान भोला प्रसाद सिंह, सच्चिदानंद सिंह, रंजीत पटेल, मुखिया वंसराज सिंह, पैक्स अध्यक्ष कमलेश सिंह, गुरुदेव सिंह, आनंदी सिंह, पूर्व सरपंच अवधेश पटेल, सरपंच प्रतिनिधि राजेश कुमार, पूर्व जिप सदस्य रामविलास निषाद, डॉ. गणेश कुमार, सुभाष सिंह, पूर्व मुखिया दुनबाहादुर सिंह आदि ने कहा कि गंडक पर लगाए गए बैरियर के कारण लोगों की आवाजाही तो बंद ही है साथ ही सब्जियों की खरीद के लिए व्यापारी भी नहीं आ रहे हैं। इससे खेतों में सब्जियां सड़ रही हैं। किसानों ने कहा, अनाज मंडी तक अनाज नहीं पहुंच रहा है। इससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसानों ने कहा कि हरिणमार और झौवाबहियार से मुंगेर जिले को राजस्व का अच्छा-खासा हिस्सा प्राप्त होता है। किसानों ने मुंगेर एवं खगड़िया जिला प्रशासन मदद की गुहार लगाई।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Due to crop loss farmers have broken back