DA Image
10 अप्रैल, 2021|4:55|IST

अगली स्टोरी

लघु उद्योग की स्थापना कर रोजगर से जुड़े प्रवासी

default image

मंुगेर | हिन्दुस्तान प्रतिनिधि

लॉकडाउन में घर लौटे प्रवासी कुशल कामगारों को गांव में ही उनकी कार्य दक्षता के अनुरूप रोजगार देने के लिए शुरू की गई जिला औद्योगिक नव परिवर्तन योजना रंग दिखाने लगी है। इस योजना के तहत जिले में पांच क्लस्टर (लघु औद्योगिक इकाई) की स्थापना की गई है।

इससे समूह में जुड़े प्रवासी कामगार प्रदेश जाने की जगह अब गांव में ही मिले रोजगार को आमदनी का जरिया बना लिया है। नव परिवर्तन योजना के तहत जिले में प्रवासी मजदूरों के लिए शुरू किए गये क्लस्टर में एक इकाई जिले के धरहरा प्रखंड अंतर्गत ईटवा में संचालित हो रहा है। समूह की ओर से कागज के कप और प्लेट बनाए रहे हैं। मंुगेर कागज, प्लेट उत्पादन समूह में 10 सदस्य हैं। प्लेट प्रतिदिन 4 हजार एवं कप प्रतिदिन 3 हजार बनए जा रहे हैं। मंुगेर, बरियारपुर, जमालपुर में मार्केटिंग भी की जा रही है। सदस्य ही उत्पादन से लेकर पैकिंग एवं मार्केटिंग करते हैं। औद्योगिक नव परिवर्तन योजना के तहत जिला उद्योग विभाग की ओर से 10 लाख रुपये कार्यशील पूंजी मशन एवं कच्चे माल के लिए उपलब्ध करायी गई। समूह के सदस्यों को प्रशिक्षण भी दिया गया। समूह में कम से कम 10 सदस्य एवं अधिकतम की संख्या 50 निर्धारित की गई है। समूह से जुड़े आनंद मोहन ने बताया कि कोरोना काल में वापस लौटे मजदूरों के साथ रोजगार की योजना बनाई। कुछ प्रवासी कागज प्लेट बनाने का काम गुजरात में करते थे।

योजना की जानकारी मिलने पर उद्योग विभाग के सहयोग से उत्पादन शुरू किया गया। आत्मा की ओर से समूह का गठन कर तकनीकी जानकारी दी गई। अभी प्रतिदिन 4 हजार प्लेट और 3 हजार कप बनाए जा रहे हैं। मार्केटिंग में शुरू में दिक्कत आई। लेकिन अब डिमांड होने लगी है। शादी-विवाह के अवसर पर अधिक डिमांड होता है। उत्पादन बढ़ाने की योजना है। समूह से जुड़े दिवाकर एवं विक्रम ने बताया कि घर में रोजगार मिला है। आमदनी हो रही है। इसी तरह काम मिलता रहा तो रोजगार के लिए घर से दूर नहीं जाएंगे।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Diaspora connected with employment by setting up small scale industry