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मुंगेर जिले में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे डायग्नोस्टिक सेंटर

जिले में पैथोलॉजी (डायग्नोस्टिक सेंटर) बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं। लैब टेक्नीशियन जांच रिपोर्ट जारी कर रहे हैं। इसके कारण मरीजों को सही-सही बीमारी का भी पता नहीं चल पाता है। इस तरह से...

मुंगेर जिले में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे डायग्नोस्टिक सेंटर
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,मुंगेरMon, 29 Oct 2018 12:34 AM

जिले में पैथोलॉजी (डायग्नोस्टिक सेंटर) बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं। लैब टेक्नीशियन जांच रिपोर्ट जारी कर रहे हैं। इसके कारण मरीजों को सही-सही बीमारी का भी पता नहीं चल पाता है। इस तरह से जांच के नाम पर अवैध पैथोलॉजी संचालक मरीज के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

इसके बावजूद इन पर सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिले में कुल 72 पैथोलॉजी हैं। इसमें सभी बिना रजिस्टे्रशन के ही चल रहे हैं। इनमें से 42 लैब संचालकों ने रजिस्टे्रशन के लिए कागजात सीएस कार्यालय जमा किया है। हालांकि अब तक किसी का रजिस्टे्रशन नहीं किया गया है।

प्रधान सचिव के आदेश को भी नहीं मान रहे : इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजी की ओर से हाईकोर्ट में दायर रिट याचिका के आलोक में स्वास्थ्य विभाग ने जिले में अवैध रूप से चल रहे पैथोलॉजी को बंद करने का आदेश दिया था। इस निर्देश के आलोक में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने जिले के डीएम व सिविल सर्जन को पत्र लिखकर नौ सितंबर तक पैथोलॉजी को जांच कर मानक के अनुरूप नहीं चल रहे पैथोलॉजी लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर को बंद कराते हुए सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। सिविल सर्जन जांच करने की तैयारी में ही थे कि पैथोलॉजी संचालक छह से 13 सितंबर तक हड़ताल पर चले गए और प्रधान सचिव के आदेश का पालन नहीं हो सका। प्रधान सचिव की तयसीमा समाप्त होते ही फिर से जिले के पैथोलॉजी खुल गए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार एमडी पैथोलॉजिस्ट ही पैथोलॉजी लैब का संचालन कर सकते हैं।

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