अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सफाईकर्मी गए हड़ताल पर, मुंगेर शहर का कचरा नहीं उठा

सफाईकर्मी गए हड़ताल पर, मुंगेर शहर का कचरा नहीं उठा

नगर निगम के सफाई कर्मचारी वेतन सहित अन्य मांगों की पूर्ति के लिए सोमवार से बेमियादी हड़ताल पर चले गए। इसके कारण शहर में कचरा का उठाव नहीं हो पाया। जगह-जगह गंदगी का ढेर लगा दिखा।

सफाई कर्मचारियों ने सुबह नगर निगम के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन भी किया। इस बार की हड़ताल में नगर निगम के सभी नियमित सफाईकर्मी भी शामिल हैं। लिहाजा आने वाले दिनों में शहर की स्थिति नारकीय हो सकती है। मिली जानकारी के अनुसार नगर निगम प्रशासन की ढुलमुल नीति ने उन्हें हड़ताल पर जाने को बाध्य किया है।

क्या हैं मांगें: दैनिक मजदूर के रूप में कार्य कर रहे लगभग 350 सफाई मजदूर जहां पिछले तीन महीने के वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं, वहीं नियमित सफाई मजदूर, जिनकी संख्या लगभग 140 है, वेतन सहित पीएफ की राशि खाते में जमा किए जाने के अलावा कई अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि 25 लाख पीएफ की राशि को डायवर्ट कर दूसरे मद में खर्च कर दिया गया है, जबकि यह राशि हमारे पीएफ खाते में जमा की जानी चाहिए।

एक दिन में कितना जमा होता है कूड़ा : शहर में प्रतिदिन सौ से अधिक ट्रेलर कूड़े का जमावड़ा होता है, परंतु उठाव की क्षमता निगम के पास केवल 50 टे्रलर की ही है। इस प्रकार 50 टे्रलर कूड़ों का जमाव रोज रह ही जाता था। ऐसी स्थिति में हड़ताल के बाद स्थिति और विकराल हो सकती है।

क्या कहते हैं कर्मचारी संघ के नेता : नगर निगम कर्मचारी संघ के नेता ब्रह्मदेव महतो, कारेलाल, शनिचर राउत, प्रेम कुमार मल्लिक, रेणू देवी आदि ने कहा कि पैसा रहते उनका वेतन तीन महीनों से रोके रखा है। सब केवल लूटखसोट में लगे हुए हैं। डेढ़ दिन में योजना का टेंडर कर बैठते हैं। इतना ही नहीं बिना एमएलए फंड के अग्रिम समायोजन के कर्मियों का भुगतान कर दिया जाता है। उधर, सफाई मजदूरों को वेतन भुगतान की फाइल को महीनों तक लटकाकर रखने में ये अपनी शान समझते हैं। उन्होंने कहा कि सफाई मजदूरों की जायज मांगों के जल्द मान लिया जाए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: Cleaners went on strike