नदियों के पुनर्जीवन पर जनप्रतिनिधियों ने जताई की प्रतिबद्धता
मुंगेर में 'आएं अपनी नदी बचाएं' अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों ने नदियों के संरक्षण पर चर्चा की। छोटी नदियाँ गाद और कचरे के कारण सिकुड़ रही हैं, जिससे सिंचाई और पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। जनप्रतिनिधियों ने समाज की भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया और बताया कि नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए योजनाएं चल रही हैं।

मुंगेर, एक संवाददाता। आएं अपनी नदी बचाएं अभियान के तहत जिले की नदियों के भविष्य को लेकर जनप्रतिनिधियों से संवाद किया गया। इस ई-संवाद में विधायकों से यह जानने का प्रयास रहा कि, उनके स्तर से अबतक नदियों के संरक्षण के लिए क्या पहल की गई है और आगे इसे लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे। बातचीत के दौरान यह स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि, जिले की छोटी नदियां गाद, कचरा और अतिक्रमण के कारण लगातार सिकुड़ रही हैं, जिससे सिंचाई, पर्यावरण और ग्रामीण जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों ने माना कि, नदियों का संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
गाद की नियमित झड़ाई, नदियों को चौड़ा-गहरा करने, मृतप्राय नदियों के पुनर्जीवन और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को लेकर सरकारी स्तर पर योजनाएं चल रही हैं और आगे भी इन्हें गति देने की बात कही गई। वहीं, जनसंवाद के निष्कर्ष के तौर पर यह संदेश सामने आया कि, यदि सरकार, जनप्रतिनिधि और समाज मिलकर प्रयास करें, तो जिले की नदियों को फिर से जीवनदायिनी बनाया जा सकता है। बोले विधायक पहाड़ों से उतरने वाली जमालपुर, धरहरा और खड़गपुर क्षेत्र की कई छोटी नदियां गाद और कचरा जमा हो जाने के कारण लगभग मृतप्राय हो चुकी हैं। इसके चलते किसानों को इन नदियों से सिंचाई की सुविधा नहीं मिल पा रही थी। इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए पिछले वर्ष ही जमालपुर, धरहरा और खड़गपुर की मृतप्राय छोटी नदियों का सर्वे कराया गया। सर्वे के आधार पर इन नदियों की गाद एवं कचरा सफाई तथा संरक्षण से संबंधित प्रस्ताव सिंचाई विभाग के सचिव को भेजा गया, ताकि सात निश्चय योजना के तहत हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जा सके। इस योजना में खड़गपुर क्षेत्र की चार और धरहरा क्षेत्र की तीन नदियां शामिल हैं, जिन पर सिंचाई विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है। -नचिकेता मंडल, विधायक, जमालपुर, विधानसभा छोटी नदियों को बचाने के लिए सरकार की ओर से समय-समय पर नदियों में जमी गाद की सफाई कराई जाती है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए जी राम जी अधिनियम में भी नदियों के संरक्षण की स्पष्ट अवधारणा दी गई है। इस अधिनियम के तहत नदियों की वैज्ञानिक तरीके से झड़ाई कर उन्हें चौड़ा और गहरा बनाया जाएगा। हिन्दुस्तान अखबार के माध्यम से नदियों को बचाने का जो मुद्दा उठाया गया है, वह एक अत्यंत सराहनीय पहल है। जिले की सभी छोटी नदियों के संरक्षण के लिए सरकार और समाज के सहयोग से हर संभव प्रयास किया जाएगा। -कुमार प्रणय, विधायक, मुंगेर विधानसभा
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