असर-पशु चिकित्सालय की टीम ने तेघड़ा गांव के बगीचा का लिया जायजा

Mar 02, 2026 12:51 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुंगेर
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खड़गपुर में बर्ड फ्लू की आशंका के चलते पशुपालन विभाग सक्रिय हो गया है। तेघड़ा गांव में कौओं की मौत के बाद निरीक्षण किया गया। पिछले 12 दिनों में कोई नया मामला नहीं मिला। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे असामान्य मौत की सूचना दें। लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है।

असर-पशु चिकित्सालय की टीम ने तेघड़ा गांव के बगीचा का लिया जायजा

हवेली खड़गपुर, एक संवाददाता। जिले में बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए पशुपालन विभाग सक्रिय हो गया है। हिन्दुस्तान में छपी खबर के फौरन बाद जिला पशुपालन पदाधिकारी डा. कमलदेव यादव ने रविवार को भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार समेत पशु चिकित्सकों और कर्मियों की टीम को तेघड़ा गांव स्थित उमाशंकर पासवान के बगीचे का जायजा लेने भेजा। गौरतलब है कि तेघड़ा गांव में पिछले दिनों उमाशंकर पासवान के बगीचा में कौआ की मौत के बाद पशुपालन विभाग सक्रिय होकर आसपास के बगीचा और पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण कर आवश्यक दवाइयों के छिड़काव किया था। वहीं जिला पशुपालन पदाधिकारी, मुंगेर के आदेशानुसार प्रखंड के तेघड़ा गांव में कौओं की मौत की घटना की जांच को लेकर पशुपालन विभाग की टीम को अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है।

12 दिनों से गांव में एक भी मृत कौआ नहीं पाया गया: निरीक्षण के दौरान डॉ. संजय कुमार ने बताया कि पिछले 12 दिनों से गांव में एक भी मृत कौआ नहीं पाया गया है। ग्रामीणों ने भी पुष्टि की कि हाल के दिनों में कौओं की मौत का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। इससे क्षेत्र में फैली आशंका अब काफी हद तक समाप्त हो गई है। डॉ. कुमार ने बताया कि आसपास स्थित मुर्गी फार्मों का भी निरीक्षण किया गया, जहां किसी भी मुर्गी की असामान्य मौत की सूचना नहीं है। 18 फरवरी को मृत कौओं का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। साथ ही रतनी, बिनलपुर आदि के पोल्ट्री फार्म में मुर्गा आदि के ब्लड सीरम एवं स्वाब के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। हालांकि अब तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा गठित टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है। मानक के अनुसार दवा का छिड़काव भी नियमित रूप से कराया जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को रोका जा सके। पशुपालन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी पक्षी या पशु की असामान्य मौत की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। क्या कहते हैं डीएएचओ: जिले के लोगों के लिए खतरे की कोई बात नहीं है, उन्हें किसी भी तरह से पेनिक होने की जरूरत नहीं। तेघड़ा के अलावा जिले के किसी भी हिस्से में बर्ड फ्लू का कोई खतरा नहीं है। मुर्गे-मुर्गियों में इसके कोई लक्षण नहीं हैं। यहां के लोग बेफिक्र होकर पोल्ट्री के उत्पाद जैसे मुर्गे-मुर्गियां, अंडे आदि पहले की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। डा. कमलदेव यादव, जिला पशुपालन पदाधिकारी, मुंगेर

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