मानसून सिर पर, सड़कें बदहाल: बाढ़ में टूटी 36 सड़कों की मरम्मत अब तक अधूरी
प्री मानसून की दस्तक के साथ ही मुंगेर जिले में बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को लेकर प्रशासनिक तैयारी की पोल खुलती नजर आ रही है। सड़कों की बुरी हालत ने ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ा दी है।

मुंगेर, एक संवाददाता। प्री मानसून की दस्तक के साथ ही मुंगेर जिले में बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को लेकर प्रशासनिक तैयारी की पोल खुलती नजर आ रही है। पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हुईं कई महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कें आज भी पुनर्निर्माण और मरम्मत की प्रतीक्षा में हैं। स्थिति यह है कि, मानसून शुरू होने के बाद सड़क मरम्मत कार्य लगभग असंभव हो जाएगा, जिससे हजारों ग्रामीणों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। जानकारी के अनुसार, मुंगेर डिवीजन के अंतर्गत बाढ़ प्रभावित मुंगेर सदर, धरहरा, जमालपुर और बरियारपुर प्रखंड की कुल 36 सड़कें अब भी जर्जर अवस्था में पड़ी हैं। इन सड़कों की मरम्मत को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
सड़कों की बुरी हालत
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं सदर प्रखंड की सड़कें:
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में मुंगेर सदर प्रखंड शामिल है, जहां सुतूरखाना अप्रोच पथ, तौफिर पथ, चड़ौन-सीताकुंड डीह पथ, कुतलूपुर पथ, टीकारामपुर पंचायत की विभिन्न सड़कें तथा मनियारचक पथ सहित कई महत्वपूर्ण मार्ग बदहाल स्थिति में हैं। इन सड़कों पर गड्ढे, कटाव और टूटे हिस्से दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं। इसी तरह से धरहरा प्रखंड अंतर्गत जसीडीह मुरकट्टास्थान से बंगलवा मार्ग एवं लाल खां से भलार-दशरथपुर सड़क जैसी कई कर के जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी हैं।
जमालपुर और बरियारपुर प्रखंड की कई ग्रामीण सड़कों भी बदहाल
इसी प्रकार जमालपुर और बरियारपुर प्रखंड की कई ग्रामीण सड़कों की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि, कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि, यदि समय रहते सड़कों का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो आगामी बारिश के दौरान आवागमन पूरी तरह बाधित हो सकता है। इससे विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और आम नागरिकों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। अब सवाल यह उठ रहा है कि, जब मानसून आने से पहले पर्याप्त समय उपलब्ध था, तो फिर सड़क मरम्मत की प्रक्रिया में इतनी देरी क्यों हुई? प्रशासन की यह उदासीनता कहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों के लिए एक और संकट न बन जाए।
कहते हैं अधिकारी:
मुंगेर डिवीजन के अंतर्गत कल 36 ऐसी सड़के हैं जिनका पुनर्निर्माण होना है। जिन सड़कों का मरम्मत होना है, उसके लिए संवेदकों को निर्देश दिया जा चुका है। वहीं जिन सड़कों का पुनर्निर्माण होना है उनके लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। शीघ्र ही मुंगेर डिवीजन के अंतर्गत आने वाले चारों प्रखंडों में मरम्मत की जाने वाली सड़कों की मरम्मत का कार्य संबंधित संवेदकों के द्वारा शुरू किया जाएगा। वहीं विभाग द्वारा प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद पुनर्निर्माण की जाने वाली सड़कों के लिए विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।
-गिरिजा नंदन सिंह, कार्यपालक अभियंता,
ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, मुंगेर
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