Hindi NewsBihar NewsMunger NewsBihar Celebrates Earthquake Safety Fortnight from January 15-28 Awareness Campaigns Planned
28 जनवरी तक मनाया जाएगा भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा

28 जनवरी तक मनाया जाएगा भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा

संक्षेप:

मुंगेर में 15 से 28 जनवरी तक भूकम्प सुरक्षा पखवाड़ा मनाया जाएगा। यह अभियान भूकम्प से बचाव और आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर केन्द्रित है। विद्यालयों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और मॉकड्रील आयोजित की जाएंगी। प्रशासन का लक्ष्य जन जागरूकता बढ़ाना और आपदा के समय क्षति को कम करना है।

Jan 18, 2026 12:36 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुंगेर
share Share
Follow Us on

मुंगेर, एक संवाददाता। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर जिले में इस वर्ष 15 से 28 जनवरी तक भूकम्प सुरक्षा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। पूर्व में 15 से 21 जनवरी तक मनाए जाने वाले भूकम्प सुरक्षा सप्ताह को वर्ष- 2025 से बढ़ाकर पखवाड़ा कर दिया गया है। इस दौरान भूकम्प से बचाव और आपदा जोखिम न्यूनीकरण को लेकर जिले भर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि, भूकम्प सुरक्षा पखवाड़ा के माध्यम से आमजन में जागरूकता बढ़ेगी और आपदा के समय जान-माल की क्षति को न्यूनतम करने में मदद मिलेगी। आपदा प्रबंधन शाखा, मुंगेर द्वारा जारी आदेश के अनुसार विद्यालय एवं कॉलेज स्तर पर भूकम्प सुरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम, गोष्ठी, पेंटिंग, क्विज, निबंध एवं नारा लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

इसके साथ ही छात्रों के बीच मॉकड्रील, कार्यशाला और भूकम्प सुरक्षा रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें एनएसएस, एनवाईके और एनसीसी कैडेटों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। नुक्कड़ नाटक और मीडिया के माध्यम से जन-जागरूकता: वहीं, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि, भूकम्प सुरक्षा से संबंधित कार्यक्रमों का मीडिया कवरेज, लघु फिल्म और अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार कराया जाए। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक के जरिए जन-जागरूकता फैलाई जाएगी। यह अभियान सदर, खड़गपुर और तारापुर अनुमंडल के विभिन्न अंचलों में निर्धारित तिथियों पर चलाया जाएगा। प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर भी होंगे कार्यक्रम: प्रखंड एवं अंचल स्तर पर भूकम्परोधी भवन निर्माण और सुरक्षा उपायों को लेकर बैठक, गोष्ठी एवं मॉकड्रील आयोजित किए जाएंगे। इसमें एसडीआरएफ टीम, मास्टर ट्रेनर, प्रशिक्षित आपदा मित्र, राजमिस्त्री और स्थानीय एनजीओ की भागीदारी होगी। आंगनबाड़ी केंद्रों, जीविका समूहों और पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। एसडीआरएफ टीम द्वारा भी जिला मुख्यालय सहित विभिन्न प्रखंडों और संस्थानों में भूकंप को लेकर प्रशिक्षण एवं मॉकड्रील कराए जाएंगे।