सात माह से मानदेय नहीं मिलने पर आशा कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा, आज से कार्य बहिष्कार की चेतावनी
गतान मुंगेर, निज संवाददाता। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं ने पिछले सात महीनों से बकाया मानदेय का भुगतान न होने

मुंगेर, निज संवाददाता। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं ने पिछले सात महीनों से बकाया मानदेय का भुगतान न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। मंगलवार को आशा कार्यकर्ताओं ने सिविल सर्जन को एक मांग पत्र सौंपकर स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल विचार नहीं किया गया, तो वे बुधवार यानी 8 अप्रैल से पूर्णतः कार्य बाधित करेंगी।क्या है पूरा मामला?सिविल सर्जन को सौंपे गए पत्र में आशा कार्यकर्ता सुनीता कुमारी, रिंकू देवी और पूनम कुमारी सहित अन्य ने कहा है कि वे स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
इसके बावजूद, पिछले सात महीनों से उन्हें प्रोत्साहन राशि या नियत भुगतान नहीं मिला है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से आश्वासन तो मिल रहा है, लेकिन अब स्थिति निराशाजनक हो चुकी है।पीएचसी में तालाबंदी की दी चेतावनीआशा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि भुगतान में हो रही देरी का मुख्य कारण क्या है, इस पर विभाग स्थिति स्पष्ट करे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो वे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में तालाबंदी करेंगी और स्वास्थ्य संबंधी सभी कार्यों का बहिष्कार करेंगी।आम जनता पर पड़ सकता है असरबता दें कि आशा कार्यकर्ताओं के कार्य बहिष्कार से ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण, प्रसव पूर्व जांच (ANC) और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो सकती हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण अब उनके लिए काम जारी रखना असंभव हो गया है। अब सबकी निगाहें स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।
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