बेहतर फसल उत्पादन के लिये कृषि वैज्ञानिकों की सलाह जरूरी

Jan 14, 2026 12:57 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, मुंगेर
share

कृषि वैज्ञानिकों ने बेहतर फसल उत्पादन के लिए किसानों को सलाह दी है। सरसों में सफेद रतुआ रोग की निगरानी, मटर में चूर्णित फफूंदी का नियंत्रण, प्याज की रोपाई की उचित दूरी, और बैगन में कीटों से बचाव की दिशा में उपाय बताए गए हैं। किसान उचित देख-रेख के अभाव में उत्पादन में कमी का सामना कर रहे हैं।

बेहतर फसल उत्पादन के लिये कृषि वैज्ञानिकों की सलाह जरूरी

बेहतर फसल उत्पादन के लिये कृषि वैज्ञानिकों की सलाह जरूरी सरसों की फसल में सफेद रतुआ रोग की निगरानी करने की वैज्ञानिकों दी सलाह मटर की फसल में चूर्णित फफूंदी पाउडरी मिल्डप एक प्रमुख रोग प्याज की 50-55 दिन पुरानी पौध की तैयार खेत में पंक्ति से पंक्ति 15 सेमी और पौधे से पौधे 10 सेमी दूरी पर लगाएं बैगन की फसल में तना एवं फल छेदक कीट से बचाव के लिए संक्रमित तनों और फलों को इकट्ठा कर करें नष्ट मुंगेर, निज प्रतिनिधि। बेहतर फसल उत्पादन के लिये कृषि वैज्ञानिकों की सलाह लेना किसानों के लिये जरूरी है। जानकारी के आभाव में किसान अपने फसलों की सही देख-रेख नहीं कर पाते हैं।

जिसके कारण उत्पादन में कमी आती है। कृषि विज्ञान केन्द्र मुंगेर की ओर से किसानों के लिये जारी सलाह के अनुसार गेहूं की फसल जो 30-35 दिनों (महती सिंचाई के बाद) की अवस्था में हो, उसमें विभिन्न प्रकार के खरपतवार उग आते हैं जो गेहूं की वृद्धि को प्रभावित कर उपज घटाते हैं। इनके नियंत्रण के लिये सल्फोसल्फ्यूरॉन 33 ग्राम तथा मेटसल्फ्यूरॉन 20 ग्राम प्रति हेक्टेयर दवा को 500 लीटर पानी में घोलकर खड़ी फसल में छिड़काव करें। विलंब से बोए गए गेहूं की फसल जो 21 से 25 दिनों की हो गई हो, उसमें 30 किलोग्राम नाइट्रोजन प्रति हेक्टेयर की दर से खाद दें। ------ सरसों की फसल में सफेद रतुआ रोग की निगरानी करने की दी सलाह: क़ृषि वैज्ञानिक डा. विनोद कुमार ने कहा कि सरसों की फसल में सफेद रतुआ (व्हाइट रस्ट) रोग की निगरानी करें। रोग दिखाई देने पर बचाव के लिये क्लोरोथालोनित दवा 1 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करें। मक्के की फसल में तना बेधक कीट की नियमित निगरानी करें। नियंत्रण के लिये अंकुरण के दो सप्ताह बाद फोरेट 10 जी या कार्बोफ्यूरान 3 जी के 7-8 दाने प्रति गाभा दें। अधिक प्रकोप की स्थिति में डेल्टामेथ्रिन 250-300 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। नवम्बर के प्रारम्भ में बोई गई मक्का की फसल में 50 किलोग्राम नत्रजन उर्वरक का प्रयोग कर मिट्टी चढ़ाएं। ------- मटर की फसल में चूर्णित फफूंदी पाउडरी मिल्डप एक प्रमुख रोग: सब्जियों मटर की फसल में चूर्णित फफूंदी पाउडरी मिल्डप एक प्रमुख रोग है, जिसकी नियमित निगरानी करना आवश्यक है। नियंत्रण करने के लिए समय पर उचित फफूंदनाशी दवाओं का प्रयोग करें। इसके लिए कैराथेन दवा 1 मिलीलीटर प्रत्ति लीटर पानी की दर से या सल्फेक्स 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर फसल पर अच्छी तरह छिड़काव करें, ताकि रोग का प्रभाव कम किया जा सके और फसल स्वस्थ बनी रहे। ------- प्याज की 50-55 दिन पुरानी पौध की तैयार खेत में पंक्ति से पंक्ति 15 सेमी और पौधे से पौधे 10 सेमी दूरी पर रोपें: प्याज की 50-55 दिन पुरानी पौध की तैयार खेत में पंक्ति से पंक्ति 15 सेमी और पौधे से पौधे 10 सेमी दूरी पर रोपें। रोपाई अधिक गहराई में न करें। रोपाई से 10-15 दिन पहले 15-20 टन गोबर की खाद डालें। अंतिम जुताई के समय 60 किलोग्राम नत्रजन, 80 किग्रा फॉस्फोरस, 80 किया पोटाश और 40 किग्रा सल्फर प्रति हेक्टेयर का प्रयोग करें। लहसुन की फसल में निकाई गुराई करें तथा कम अवधि के अन्तराल में नियमित रूप से सिंचाई करें लहसुन की फसल में कीट व्याधि की निगरानी करें। ------- बैगन की फसल में तना एवं फल छेदक कीट से बचाव के लिए संक्रमित तनों और फलों को इकट्ठा कर करें नष्ट : बैगन की फसल में तना एवं फल छेदक कीट से बचाव के लिए संक्रमित तनों और फलों को इकट्ठा कर नष्ट करें। कीट की अधिकता होने पर स्पिनोशेड 48 ई.सी. एक मि.ली. प्रति 4 लीटर पानी की दर से छिड़काव करें। छिड़काव घोल में गोद एक मि.ली. प्रति लीटर पानी अवश्य मिलाएं। सब्जी फसलों में समय-समय पर निराई-गुड़ाई करें। --------- तापमान में गिरावट के कारण दुधारू पशुओं के दूध उत्पादन को ले सूखे चारे में नमक का करें मिश्रण: तापमान में गिरावट के कारण दुधारू पशुओं के दूध उत्पादन में आई कमी को दूर करने के लिए हरे एवं सूखे चारे के मिश्रण के साथ नियमित रूप से 50 ग्राम नमक, 50-100 ग्राम खनिज मिश्रण प्रति पशु तथा संतुलित दाना खिलाएं। पशुओं के लिए बिछावन में सूखी घास या राख का उपयोग करें। फोटो मुंगेर-8, खेतों में लगी सरसों की फसल

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।