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18 जनवरी, 2021|8:07|IST

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काली पहाड़ी पर उमड़ेगी भीड़

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जमालपुर | एक संवाददाता

जमालपुर स्थित काली पहाड़ी सदियों से प्राकृतिक छटाओं को लेकर आकर्षण का केन्द्र रहा है। ऐसा माना जाता है कि यहां की प्राकृतिक सौन्दर्य को देखकर ही अंग्रेजों ने यहां रेल इंजन कारखाना की नींव डाली थी। इसी काली पहाड़ी की तराई में जमालपुर और आसपास के लोग नव वर्ष के अवसर पर पिकनिक एवं वनभोज का आनंद लेने अपने परिवार समेत पहुंचते हैं।

अति प्राचीन है काली पहाड़ी: काली पहाड़ी का उल्लेख धार्मिक ग्रंथों में भी किया गया है। बताया जाता है कि महाभारत काल में जब पांडव द्युत क्रीड़ा में सबकुछ हार गए थे तो अज्ञातवास के दौरान वे पांचाली के साथ इसी काली पहाड़ी पर कुछ समय व्यतीत किए थे। उस दौरान पांडव पुत्र अर्जुन के द्वारा यहां मां यमला काली की प्रतिमा स्थापित की गई थी। जिसके दर्शन और पूजा करने यहां साल भर सैलानी आते रहते हैं।

बदहाल रास्ते, कठिन डगर: सरकार की उदासीनता के कारण अतिप्राचीन काली पहाड़ी अब अपनी रौनक खोते जा रही है। पूर्व में पत्थर उत्खनन से जुड़े लोगों ने जहां इसे नुकसान पहुंचाया। वहीं वन संपदाओं की अंधाधुंध कटाई ने तो क्षेत्र की सुरत ही बिगाड़ कर रख दी।

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  • Web Title:A crowd will gather on the black hill