ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News बिहार मुंगेरजमालपुर अंचल अधीन शहरी व ग्रामीण इलाकों के 61 हजार जमाबंदी आधार से जुड़ेंगी: सीओ

जमालपुर अंचल अधीन शहरी व ग्रामीण इलाकों के 61 हजार जमाबंदी आधार से जुड़ेंगी: सीओ

जमालपुर। निज प्रतिनिधि जमालपुर अंचल के सीओ अरशद मदनी के निर्देश पर मंगलवार...

जमालपुर अंचल अधीन शहरी व ग्रामीण इलाकों के 61 हजार जमाबंदी आधार से जुड़ेंगी: सीओ
हिन्दुस्तान टीम,मुंगेरWed, 29 Nov 2023 12:45 AM
ऐप पर पढ़ें

जमालपुर। निज प्रतिनिधि
जमालपुर अंचल के सीओ अरशद मदनी के निर्देश पर मंगलवार को केशोपुर नक्की स्थित नगर परिषद वार्ड नंबर 28 में एक शिविर लगाकर आधार को जमाबंदी से लिंक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। शिविर का नेतृत्व वार्ड पार्षद राकेश तिवारी ने किया। तथा पहले दिन करीब 100 भू-स्वामियों का जमाबंदी से आधार को लिंकअप किया गया है। मौके पर हल्का कर्मचारी मोहम्मद रजत ने बताया कि आधार से जमाबंदी का लिंक होने से जहां ऑटोमेटिव परिमार्जन की सुविधा मिल जाती है, वहीं जमीन खरीद फरोख्त सहित अन्य सूचनाएं आधार से जुड़ी मोबाइल पर अपडेट कर दिया जाता है। इससे आपकी जमीन पर किसी भी तरह की फर्जीवाड़ा कर भू-माफिया किसी अन्य का नाम की जमाबंदी कायम नहीं करा सकेगा।

शहरी व ग्रामीण इलाकों के करीब 61 हजार जमाबंदी को आधार से लिंक का निर्देश

जमालपुर सीओ अरशद मदनी ने बताया कि जमाबंदी में फर्जीवाड़ा रोकथाम सहित सरकारी योजनाओं को पूरा-पूरा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सूबे की सरकार ने एक केसी एप लॉंच किया है। तथा सूबे के विभिन्न जिला व प्रखंडों के अंचल कार्यालय में जमाबंदी से आधार का लिंक अप करने का निर्देश जारी किया है। इसकी शुरूआत 14 जुलाई से ही जमालपुर अंचल में शुरू कर दी गयी है। तथा अंचल के करीब 5 हल्का कर्मचारी इस कार्य में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि जमालपुर प्रखंड के अधीन शहरी क्षेत्र के जमालपुर नगर परिषद के कुल 36 वार्डो तथा ग्रामीण क्षेत्र के कुल दस पंचायतों में करीब 61 जमाबंदी है। इसका आधार से लिंक करने की मुहिम जारी है।

22 भाषाओं में एप कर रहा काम

जमाबंदी को आधार लिंक से जोड़ने के लिए लॉंच की गयी केसी एप कुल 22 भाषाओं में काम कर रही है। इसमें राजस्व कर्मचारी रैय्यतों की जमाबंदी को उर्दू, हिन्दी, मैथली सहित 22 भाषाओं में लिंक कर सकते हैं। वहीं मोबाइल एप के जरिए सरकार राजस्व कर्मचारी की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। इसके अलावा जमाबंदी ऑनलाइन हो रही है। गौरतलब है कि रैय्यतों की मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार सदस्यों का नाम भी जमाबंदी पर जोड़ा जा रहा है। एक जमाबंदी पर जितने भी सदस्यों की अधिकार होगी, उतने के आधार लिंक जुटेगी।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें