
अमेरिका में करोड़ों का खेल, बिहार के NGO के खाते में 8 करोड़ मंगाए; यूपी, दिल्ली समेत कई देशों में नेटवर्क
संक्षेप: प्रमोद चौधरी व दिल्ली में बैठे शातिर कॉलिंग सेंटर के जरिए अमेरिका और अन्य देशों में ठगी कर रहे हैं। टेलीग्राम एप पर अमेरिका के लोगों को जोड़कर क्रिप्टो करेंसी में निवेश पर कम समय में बड़ी कमाई का झांसा देकर ठगी की जा रही है।
गेमिंग एप, क्रिप्टो करेंसी और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए निवेश के नाम पर अमेरिका समेत कई देशों से ठगी के पैसे साइबर शातिरों ने मधुबनी के एनजीओ के खाते में मंगाए। आठ करोड़ 33 लाख रुपये ठगी के रुपये मधुबनी की एनजीओ रामप्यारी नंदलाल सेवा संस्थान के खाते में मंगाए गए। एनजीओ संचालक ने ठगी के रुपये के एवज 40 प्रतिशत कमीशन लिया। दिल्ली में बैठा प्रमोद चौधरी ठगी के इस रैकेट का मास्टरमाइंड है।

मुजफ्फरपुर साइबर थाने की पुलिस ने जेल भेजे गए चार शातिरों पर दाखिल चार्जशीट में इस बिंदू पर जांच किए जाने का खुलासा किया है। केस के आईओ इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार ने यूपी के अमेठी जिले के गौरीगंज निवासी अभिषेक पांडेय, मधुबनी के फुलपरास थाने के धर्मडीहा निवासी कृष्ण कुमार सिंह, विक्रम कुमार सिंह और मुशहरी के गुड्डू कुमार पर चार अक्टूबर को चार्जशीट दाखिल की थी। वहीं, प्रमोद चौधरी और अन्य डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की संलिप्तता के बिंदू पर जांच चल रही है। जांच के दायरे में यूपी और दिल्ली के 60 से अधिक बैंक अकाउंट भी बताए गए हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रमोद चौधरी व दिल्ली में बैठे शातिर कॉलिंग सेंटर के जरिए अमेरिका और अन्य देशों में ठगी कर रहे हैं। टेलीग्राम एप पर अमेरिका के लोगों को जोड़कर क्रिप्टो करेंसी में निवेश पर कम समय में बड़ी कमाई का झांसा देकर ठगी की जा रही है। ठगी से मंगाई गई बड़ी राशि अलग-अलग खातों से होकर एनजीओ के खाते में भेजी जाती है। एनजीओ के खाते में आने वाली राशि पर कमीशन देकर साइबर शातिर आसानी से निकाल ले रहे हैं। एनजीओ के खाते में आई राशि पर अधिक जांच पड़ताल नहीं होती है। इसी कारण साइबर ठगी की राशि मधुबनी के एनजीओ के खाते में मंगाई गई।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर शातिरों से एनजीओ संचालक कृष्ण कुमार सिंह ने 1.4 प्रतिशत कमीशन पर बात तय की थी। लेकिन, राशि निकासी के बाद एनजीओ संचालक ने 40 प्रतिशत कमीशन मांगा। इसके बाद कृष्णा और अमेठी के अभिषेक पांडेय के बीच विवाद हो गया। इसी विवाद के बाद होटल के स्टाफ ने पुलिस को सूचना दे दी और मामला पुलिस के संज्ञान में आया।
क्या कहते हैं अधिकारी
गेमिंग एप, क्रिप्टो करेंसी, टेलीग्राम एप के जरिए निवेश के नाम पर अमेरिका समेत कई देशों में ठगी के तार जुड़े हैं। मामले में गिरफ्तार चार शातिरों पर चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। अन्य बिंदुओं पर जांच चल रही है। - हिमांशु शेखर, साइबर डीएसपी, मुजफ्फरपुर।





