
गौड़ाबौराम से संतोष सहनी ने पर्चा भरा, मुकेश सहनी के छोटे भाई ही VIP के अध्यक्ष
मुकेश सहनी के खुद गौड़ाबौराम से लड़ने की जानकारी उनकी पार्टी वीआईपी ने दी थी, लेकिन मुकेश ने अपने छोटे भाई संतोष सहनी से नामांकन करवाया है। संतोष सहनी ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। मुकेश सहनी राष्ट्रीय संयोजक हैं।
महागठबंधन में सीट बंटवारे की घोषणा के बिना ही पहले चरण के चुनाव का नामांकन शुक्रवार को खत्म हो गया। नामांकन के आखिरी दिन विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने कहा था कि पार्टी सुप्रीमो मुकेश सहनी दरभंगा जिले की गौड़ाबौराम सीट से खुद चुनाव लड़ेंगे और नामांकन करने जा रहे हैं। लेकिन मुकेश सहनी ने छोटे भाई संतोष सहनी का पर्चा भरवा दिया है। संतोष सहनी वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जबकि मुकेश सहनी वीआईपी के राष्ट्रीय संयोजक हैं। इस सीट से महागठबंधन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अफजल अली खान ने भी नॉमिनेशन किया है। वीआईपी का दावा है कि राजद कैंडिडेट नाम वापस ले लेगा।
वीआईपी के सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस और राजद के साथ सीट बंटवारे पर उसकी सहमति बन गई है। सूत्र ने कहा कि महागठबंधन में उसे फिलहाल केसरिया, कटिहार, गोपालपुर, बिहपुर, लौरिया, सिकटी, निर्मली, आलमनगर, दरभंगा शहर, गौड़ाबौराम, कुशेश्वर स्थान, औराई और बरूराज कुल 13 सीटों के नाम दिए गए हैं। छह सीटों पर उसके कैंडिडेट ने नामांकन कर दिया है। वीआईपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने बताया कि गौड़ाबौराम से पार्टी के अध्यक्ष संतोष सहनी, औराई से भोगेंद्र सहनी, बरुराज से राकेश कुमार, कुशेश्वरस्थान से गणेश भारती, दरभंगा शहरी से उमेश सहनी और आलमनगर से नवीन निषाद ने पर्चा दाखिल किया है।
मुकेश सहनी नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव; बोले- डिप्टी सीएम बनना है, राज्यसभा नहीं जाना
गौड़ाबौराम से 2020 के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बैनर तले वीआईपी के सिंबल पर स्वर्णा सिंह जीती थीं। बाद में जब मुकेश सहनी को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के मना करने के बावजूद उत्तर प्रदेश का 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ने के कारण नीतीश कुमार की सरकार से बर्खास्त किया गया तो स्वर्णा सिंह भाजपा में शामिल हो गईं। स्वर्णा भाजपा कोटे से वीआईपी के सिंबल पर लड़ी थीं। इस चुनाव में बीजेपी ने उनके पति सुजीत कुमार सिंह को टिकट दिया है, जो रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट हैं।





