
मुंह में गोली मार दूंगा; बिहार चुनाव में हार की समीक्षा बैठक में भिड़े कांग्रेस प्रत्याशी
बिहार चुनाव में मिली करारी हार की समीक्षा के लिए नई दिल्ली में गुरुवार को हुई आलाकमान की बैठक में कांग्रेस उम्मीदवार इंजीनियर संजीव और जितेंद्र यादव आपस में भिड़ गए। इस दौरान गाली-गलौज और गोली मारने तक की बात कह दी गई।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में शर्मनाक हार झेलने के बाद कांग्रेस ने गुरुवार को नई दिल्ली में समीक्षा बैठक आयोजित की। इसमें कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले दो प्रत्याशी आपस में भिड़ गए। बात गाली-गलौज तक पहुंच गई और एक उम्मीदवार ने दूसरे को मुंह में गोली मारने तक की बात कह दी। यह वाकया कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बैठक में पहुंचने से पहले हुआ।
बिहार चुनाव में हार पर समीक्षा करने के लिए कांग्रेस ने नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में पार्टी के सभी 61 उम्मीदवारों और राज्य के वरिष्ठ नेताओं को तलब किया था। बैठक में हुए हंगामे के बाद पटना से दिल्ली तक सियासी पारा गर्मा गया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के टिकट पर वैशाली सीट से चुनाव लड़े इंजीनियर संजीव और पूर्णिया से प्रत्याशी रहे जितेंद्र यादव के बीच समीक्षा बैठक में जमकर कहासुनी हुई। फिर वहां मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इंजीनियर संजीव ने समीक्षा बैठक में पार्टी द्वारा बाहरी प्रत्याशियों को टिकट देने की वजह से हार का जिम्मेदार ठहराया। जितेंद्र यादव ने इसका विरोध किया। इस पर दोनों के बीच बहस छिड़ गए। दोनों एक दूसरे को अपशब्द कहने लगे। फिर इंजीनियर संजीव ने जितेंद्र को मुंह में गोली मारने की धमकी दे दी।
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के बैठक में पहुंचने से पहले हुए इस हंगामे के बाद पार्टी के वरीय नेता सकते में आ गए। फिर सांसद तारिक अनवर ने संजीव और जितेंद्र को फटकार लगाते हुए चुप रहने की नसीहत दी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि पार्टी में लोग आते-जाते रहते हैं, लेकिन इस तरह की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राहुल और खरगे ने प्रत्याशियों से ली रिपोर्ट
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को कांग्रेस की समीक्षा बैठक में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से 10-10 के समूह में बात कर उनसे रिपोर्ट ली। अधिकतर प्रत्याशियों ने एक दर्जन सीटों पर महागठबंधन में फ्रेंडली फाइट, गठबंधन के सीट बंटवारे में देरी होने, राजद के साथ चुनाव लड़ने पर नुकसान होने और नीतीश सरकार द्वारा चुनाव से ठीक पहले 10-10 हजार रुपये महिलाओं को बांटे जाने की योजना को कांग्रेस की हार की वजह बताया।





