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जेल में बंद महिला कैदी हैं डिप्रेशन की शिकार

मोतिहारी केन्द्रीय कारा में महिला कैदियों की सेहत जांच व कानूनी जानकारी देने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की टीम ने महिला कैदियों से मुलाकात की । सेहत की जांच व काउंसिलिंग के दौरान पाया गया कि कई महिला कैदी डिपरेशन से ग्रसित हैं । कई महिलाओं में आयरन की कमी पायी गयी। इसकी सूची मानसिक रोग विभाग के नोडल पदाधिकारी डा. सुनील कुमार के द्वारा सिविल सर्जन को भेज दी गयी है। मगर अभी तक दवा मुहैया नहीं करायी गयी है।

प्राधिकार की टीम के साथ गयी मेडिकल टीम : विभागीय सूत्रों के अनुसार जेल में बंद महिला कैदियों को कानूनी सलाह देने व वहां की व्यवस्था को देखने, शिक्षा से संबंधित जानकारी देने , विकास के लिए कम खर्च में काम बताने के लिए एनजीओ के सदस्य सहित सदर अस्पताल से महिला डाक्टर की टीम ,मानसिक रोग विशेषज्ञ व साइक्र्रोटिस्ट की टीम जेल में महिला बंदियों से मिली। इस दौरान जेल में बंद 83 महिला कैदियों के सेहत की जांच की। जांच के दौरान 43 महिला कैदियों ने नींद नहीं आने,घबराहट व हमेशा सिर में दर्द तो कभी पेट व कमर में दर्द की बात बतायीं। परिवार से अलग रहने के कारण उदासी व कब तक जेल से बाहर निकलने की इंतजारी में परेशानी की बात तो कुछ कमजोरी की बात बतायी।

कहते हैं डॉक्टर

महिला कैदियों के इलाज में शामिल मानसिक रोग विशेषज्ञ डा. हेमन्त कुमार ने बताया जेल में बंद महिला कैदियों को अगर योग और खेल की सुविधा हो तो डिपरेशन कम हो जायेगा। ज्यादतर महिलाएं इसलिए डिपरेशन में है कि वे घर परिवार से अलग हैं। जेल से निकलने की चिंता है। बताया कि रात को नींद नहीं आना व केस की चिंता रहती है। कहा कि टीम में साइक्रोटिस्ट एकता कुमारी, डा. नूतन सिन्हा, डा. रश्मि के अलावा प्रधिकार के अधिवक्ता पुतूल पाठक, भारती कुमारी,पुष्पा दुबे व शिक्षा विभाग के अधिकारी आदि थे।

एनजीओ व जेल के डाक्टर थे। उन्होने कहा कि महिला कैदियों के लिए बेहतर व्यवस्था को देखा। कुछ महिला कैदियों के पास सिलाई मशीन भी देखा। महिला कैदी के साथ रह रहे बच्चे के लिए झूला भी देखा। किसी ने और कोई समस्या का शिकायत नही किया है।

कहते हैं नोडल पदाधिकारी

मानसिक रोग के नोडल पदाधिकारी डा. सुनील कुमार ने बताया कि मानसिक रोग के डाक्टर के द्वारा महिला कैदी के इलाज व पायी गयी बीमारी की सूची सिविल सर्जन को भेज दी गयी है। दवा उपलब्ध कराने के लिए लिखा गया है। वहीं जानकार बताते हैं कि दो दिन पहले जेल में महिला कैदियों के सेहत की जांच हुई। डाक्टरों के द्वारा दवा लिखी गयी मगर अभी तक दवा मुहैया नहीं करायी गयी है। इस संबंध में डीएस डा. मनोज कुमार ने बताया कि इसकी कोई जानकारी उन्हें नहीं है। दवा की सूची मिलने पर दवा की व्यवस्था कर जेल प्रशासन को सौंपी जायेगी।

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  • Web Title:Women prisoner in jail is the victim of depression