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मोतिहारी

पांच मौत के बाद भी झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे बेला के ग्रामीण

हिन्दुस्तान टीम,मोतिहारीPublished By: Newswrap
Thu, 03 Jun 2021 04:30 AM
पांच मौत के बाद भी झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे बेला के ग्रामीण

रामगढ़वा । निज प्रतिनिधि

रामगढ़वा प्रखंड बेला पंचायत के कई गांव में कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों में लापरवाही देखी जा रही है। गांव के लोग कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं करते दिख रहे हैं। जबकि अधिकतर घर में सर्दी, खांसी व बुखार से लोग जूझ रहे हैं। जबकि अबतक पांच लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हो गई है। लेकिन अभीतक गांव में स्वास्थ्य विभाग कोई जांच टीम नहीं पहुंची है। जिसको लेकर गांवों में संक्रमण फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। रामगढ़वा पीएचसी सेंटर (6 किमी) दूर होने के कारण सवारी के अभाव में गांव के लोग जांच कराने से वंचित हैं। साथ ही गांव के ऐसे लोगों को टीका भी नहीं लग पाया है। जानकारी के अभाव में कोरोना टीकाकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन भी ऐसे लोग नहीं करा पा रहे हैं।

कोरोना संक्रमण से अब तक पांच की हो चुकी है मौत

ग्रामीणों ने बताया कि अब तक गांव में पांच लोगों की मौत हो चुकी है । जिसमें बेला वार्ड नम्बर 8 निवासी इब्राहिम मियां ,वार्ड 4 निवासी नाटा गोंड़ , वार्ड नम्बर 2 निवासी राम अयोध्या पांडेय , नवल किशोर पांडेय वार्ड नम्बर 8 व लाल महम्मद राय की मौत हाल के दिनों में कोरोना से हो चुकी है ।

जनप्रतिनिधियों का भी संक्रमण के दौरान नहीं मिल रहा सहयोग

शेख वहाब,आबिद हुसैन,संतोष यादव,अब्दुस सलाम,शेख अरमान आदि का कहना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि भी कोरोना संक्रमण के दौरान गांव में अपना सहयोग नहीं दिखा रहे हैं। संक्रमण के भय से जनप्रतिनिधि भी नहीं सहयोग कर रहे हैं। गांव में मास्क का वितरण पंचायत सचिव द्वारा अभी तक नहीं किया गया है। और नहीं गांव को सैनिटाइज करने का ही काम किया गया है।

झोला छाप डॉक्टर के भरोसे हो रहा इलाज

बेला,शेखटोली,बेलासपुर जैसे गांव में चिकित्सीय सुविधा का अभाव है। लोग घरेलू उपचार तथा स्थानीय चिकित्सकों के ऊपर निर्भर हैं। लोग मेडिकल की दुकानें से दवा खरीद कर खा रहे हैं। कई दुकानदार तो बहाना बना जैसे स्टॉक में नहीं है, दवा आ नहीं रही है आदि बातें बता मनमाने दाम पर दवा बेच रहे हैं।

कहते हैं नोडल पदाधिकारी

पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी डॉ. प्रहस्त कुमार ने बताया कि कोरोना जांच शिविर का आयोजन व वैक्सीनेशन लेने के लिए शिविर लगाया गया ,परन्तु जल्दी कोई भी व्यक्ति वैक्सीन लेने नहीं आ रहा है । जिसके कारण उनलोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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