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फल दुकान चला यूपीएससी परीक्षा में बाजी मारी

फल दुकान चला यूपीएससी परीक्षा में बाजी मारी

मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसले से उड़ान होती है। इस तथ्य को साबित कर दिखाया है दीपक कुमार ने, जिसने अपने चौथे प्रयास में यूपीएससी-16 की परीक्षा में 783वां रैंक प्राप्त कर घोड़ासहन ही नहीं पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। घोड़ासहन बाजार के फल व्यवसायी सत्यनारायण प्रसाद व गृहिणी निर्मला देवी के इस पुत्र की प्रारम्भिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही हुई। केन्द्रीय विद्या मंदिर व नवोदय विद्यालय घोड़ासहन के बाद मैट्रिक की परीक्षा टीआरएमपी उच्च विद्यालय से 2004 में तथा इंटर व स्नातक की परीक्षा स्थानीय जेएलएनएम कॉलेज से पास की। तीन भाई बहनों में सबसे छोटा दीपक अपनी पढ़ाई के साथ फल की दुकान भी संभालता था। बड़े भाई पप्पू कुमार बताते हैं कि सातवीं पास करने के बाद से ही स्कूल के बाद दीपक अकसर फल की दुकान पर पिता का हाथ बंटाता था व स्टूडियो का काम भी देखने लगा था। पड़ोस में ही राहुल कुमार के यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद उसमें भी कुछ कर दिखाने की ललक जगी और 2011 में वह दिल्ली जाकर यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी में जुट गया। अपने रैंक में सुधार के लिए दीपक पांचवी बार एक बार फिर यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी में जुटा है।

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  • Web Title:UPSC exam faced on run in fruit shop