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मंतोष के चाचा डॉ. मनोज थे बदमाशों के निशाने पर

छतौनी बस स्टैंड के समीप मंतोष की हत्या करने वाले उसके चाचा डॉ मनोज कुमार को टारगेट किया था। डॉक्टर के नहीं मिलने पर भतीजा को ही चाकू गोद हत्या कर दी। डॉ. मनोज ने बताया कि गांव में परिवार से भूमि विवाद चल रहा है। चुनावी रंजिश भी है। साजिश के तहत सभी ने भतीजे की हत्या की। इसमें शामिल रमेश जायसवाल व नंदलाल सहनी फरार है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या का राज खुलेगा।

चाचा डॉक्टर मनोज ने बताया कि वह सीवान पीएचसी में कार्यरत है। गांव के भूमि विवाद व चुनावी रंजिश को लेकर उसके उपर कई बार हमला भी किया गया है। इसके लिये वह एसडीओ के यहां एतिलाई आवेदन भी दे रखा है। सुरक्षा को लेकर आर्म्स के लाइसेंस का भी आवेदन पेंडिंग पड़ा है। घटना के दिन बदमाश उसे ही खोजने गये थे। वह कमरे में था और भतीजा गेट बंद कर रहा था इसी दौरान बदमाश दूसरे के बहकावे में आकर उसके भतीजा को उठा लिया और चाकू गोद हत्या कर दी। वहीं मंतोष के पिता कृष्णा चौधरी का कहना है कि उसकी पत्नी सुनीता देवी दक्षिणि ढेकहा पंचायत का पूर्व में सरपंच रह चुकी है। उसका चुनावी रंजिश भी चल रहा है। वह प्रगतिशील किसान भी रह चुका है। ओल, अदरक, टमाटर व बैगन की उत्तम खेती के लिये जिला उद्यान विभाग उसे पुरस्कृत भी कर चुकी है। खेती के बल पर वह अपने पुत्र मंतोष को डॉक्टर बनाना चाहता था। यह सपना पूरा नहीं हो सका। चुनावी रंजिश व भूमि विवाद को लेकर उसके बेटे की साजिश के तहत नृशंस हत्या कर दी गयी। पिता का कहना है कि उनके बेटे की क ोई गलत संगति नहीं थी यह पुलिस की मनगढ़ंत बात है।

क्या है मामला: 16 जनवरी की रात छतौनी बस स्टैंड के समीप घर से खींचकर इंटर के छात्र मंतोष कुमार को चाकू गोद कर हत्या कर दी गयी। बस स्टैंड दुर्गा मंदिर के पीछे से उसका शव बरामद किया गया। चाचा शंभू प्रसाद निषाद के बयान पर आकाश कुमार, अमन कुमार, दीपक कुमार छतौनी व पीपराकोठी विशुनपुर ढेकहां के लतीफ, रमेश जायसवाल व नंदलाल सहनी के खिलाफ एफआईआर कराई है।

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