नियमों की अनदेखी से लग रहा जाम
मोतिहारी, पूर्वी चंपारण जिले का मुख्यालय, गंभीर ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना कर रहा है। जनसंख्या बढ़ने के बावजूद ट्रैफिक प्रबंधन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति बनती है, जिससे नागरिकों को परेशानी होती है। प्रशासन को जल्द ही ठोस ट्रैफिक प्लान और अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता है।
मोतिहारी, एक प्रतिनिधि। पूर्वी चंपारण जिले का मुख्यालय मोतिहारी इन दिनों गंभीर ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। बिहार का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला जिला होने के बावजूद, शहर में ट्रैफिक दबाव कम करने को लेकर अब तक ट्रैफिक प्रबंधन की कोई ठोस और दीर्घकालिक व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। लगभग 67 लाख से अधिक आबादी वाले इस जिले में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन सड़कों की क्षमता उसी अनुपात में नहीं बढ़ सकी है। शहर में ऑटों संचालन का रूट निर्धारण नहीं : शहर के स्टेशन चौक, जानपुल चौक, अस्पताल चौक, गांधी चौक, कचहरी चौक और छतौनी चौक समेत लगभग सभी प्रमुख चौराहों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
हालात यह है कि आम नागरिकों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और मरीजों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है। दिन चढ़ने के साथ शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। ट्रैफिक रूट का निर्धारण नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्र के ऑटो भी शहर में धड़ल्ले से प्रवेश कर जाते हैं। ट्रैफिक सिग्नल पोस्टों के पास ही सवारी बैठाते ऑटो चालक : कार्यालयों और स्कूलों के खुलने-छुट्टी के समय वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। शहरवासियों का कहना है कि यदि जल्द ठोस ट्रैफिक प्लान, पार्किंग व्यवस्था और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई, तो मोतिहारी में जाम की समस्या और विकराल होती जाएगी। स्थिति यह है कि शहर में लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल पोस्टों के पास ही ऑटो चालक सवारी बैठाने के लिए वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे चौराहों पर अराजक स्थिति उत्पन्न हो जाती है। लगभग हर प्रमुख चौक पर 100-200 मीटर के दायरे में वाहनों का अत्यधिक दबाव देखा जा रहा है। अतिक्रमण के आगे ट्रैफिक पुलिस लाचार : हालांकि, प्रशासन की ओर से अधिकतर चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है, लेकिन फुटपाथों पर अतिक्रमण, संकरी सड़कें और अव्यवस्थित पार्किंग के चलते जाम अब आम बात हो चुकी है। विशेषकर कार्यालयों और स्कूलों के खुलने व छुट्टी के समय सड़कों पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। शहर के बलुआ चौक पर रोजाना घंटे-घंटे पर जाम लगता रहता है। सबसे खराब स्थिति तो बलुआ-चांदमारी रोड व बलुआ-रघुनाथपुर रोड पर देखने को मिलती है। स्थानीय शेखर श्रीवास्तव, संजय कुमार सिंह, दिलीप कुमार, महेश चंद्र सिद्ध आदि ने बताया कि इन दोनों सड़क पर वाहनों का दबाव रहता है और सड़क काफी संकरी है। सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण का भी बोलबाला है। ठेला-खोमचावाले सड़क किनारे ही अपनी दुकान सजाते हैं। सड़क पर सजता सब्जी बाजार : इतना ही नहीं शहर के बलुआ चौक, जानपुल चौक, स्टेशन चौक, महात्मा गांधी रोड, मधुबनी घाट रोड समेत कई चौराहों पर सड़क किनारे ही सब्जी का बाजार सजता है। स्थानीय लोग अपनी बाइक सड़क पर ही खड़ी कर बाजार में खरीदारी करते हैं।

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