अतिक्रमण व टूटी सड़क से बढ़ी परेशानी, जाम से मिले निजात
जानपुल चौक में व्यापार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन संकरी सड़कें और अतिक्रमण से जाम की समस्या बढ़ रही है। यहां रोजाना एक करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होता है, फिर भी सुविधाओं की कमी है। स्थानीय व्यवसायियों ने प्रशासन से उचित उपायों की मांग की है।

शहर के जानपुल चौक व आसपास के इलाके में लगातार कारोबार का विस्तार हो रहा है। यहां सक्रिय जानपुल व्यवसायी संघ से तकरीबन 100 से अधिक थोक व खुदरा कारोबारी रजिस्टर्ड हैं। समय के साथ यहां बाजार समिति, मॉल, शॉपिंग कांप्लेक्स व दुकानों का लगातार विस्तार हो रहा है। इसके अलावा कई बड़े-बड़े गोदाम व मार्केट कांप्लेक्स खुल चुके हैं। मुख्य रूप से यहां खुदरा व्यापारी अधिक हैं। हाल के कुछ वर्षों में ज्ञानबाबु चौक से बाजार समिति के बीच सड़क किनारे कई मॉल व मार्केट कांप्लेक्स खुल चुके हैं। यहां से रोजाना तकरीबन एक करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होता है।
मगर, लोगों को उस अनुरूप सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। अतिक्रमण से परेशानी : अजय कुमार गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, भरत कुमार गुप्ता, जय प्रकाश प्रसाद गुप्ता, कृष्णा प्रसाद, मो. जफरूल, डॉ पीके राव आदि ने कहा कि जानपुल-ज्ञानबाबू चौक की सड़क संकरी है। पुल के बराबर भी सड़क नहीं बनी है। इसके अलावा सड़क किनारे ही रोजाना बाजार सजता है। इससे सड़क पतली हो जाती है व जाम का कारण भी बनती है। लोग सब्जी खरीदने के लिए सड़क पर ही अपनी बाइक व साइकिल खड़ी कर देते हैं। इस कारण अतिक्रमण की समस्या है। ट्रैफिक सिग्नल लगने के बाद पतली सड़क होने से लोगों को दिक्कत होने लगी है। व्यवसाय हो रहा प्रभावित : इस चौक पर ट्रैफिक सिग्नल के कारण वाहनों की लंबी कतार लग जा रही है। इस दौरान वाहन का शोर बना रहता है। सड़क संकरी होने की वजह से बायी तरफ जानेवालों को भी रास्ता नहीं मिल पाता है। इसके अलावा ठेला-खोमचेवालों ने फुटपाथ पर स्थाई रूप से कब्जा जमा लिया है। इससे लोगों को आवागमन में तो दिक्कत होती ही है। साथ ही इनलोगों ने अपनी दुकानों पर भोंपू व लाउड स्पीकर लगा रखा है। इसकी आवाज से स्थाई दुकानदारों व ग्राहकों को दिक्कत होने लगी है। भोंपू का शोर लाेगों को बीमार भी बनाने लगा है। शाम में इस चौक पर समय बिताना मुश्किल हो जाता है। चौक पर घंटों लगता जाम : जानपुल व्यवसायी संघ के अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि जानपुल चौक पर घंटे-घंटे जाम लगता है। चौक पर दो गोलंबर है। यहां ट्रैफिक का कोई नियम नहीं है। होमगार्ड जवानों की ड्यूटी रहती है, पर जिसे जिधर से मन करता उसी तरफ से गाड़ी निकाल लेता है। एक तरफ से दो गाड़ियों के घुसते ही जाम लग जाता है। गोलंबर के चारो तरफ ठेला-खोमचावालों ने कब्जा जमा रखा है। प्रशासन अभियान चलाकर अतिक्रमण हटवाता है, मगर दुकानदार दोबारा अपनी दुकान सजा लेते हैं। यहां अतिक्रमण हटाने के साथ ही पीलर गाड़ने की आवश्यकता है। इसके अलावा लोगों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम व नुक्कड़ नाटक आयोजित करना जरूरी है। खुले में बिकता मांस व मछली : जानपुल चौक पर शहर का सबसे बड़ा मांस का बाजार है। यहां शहर के कोने-कोने से लोग खस्सी का मांस खरीदने पहुंचते हैं। मगर, यहां सड़क किनारे खुले में मांस की बिक्री की जाती है। इससे खासकर बच्चे, महिलाओं व बुजुर्गों के मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसी तरह मछली विक्रेता भी सड़क किनारे खुले में अपनी दुकान लगाते हैं। प्रस्तुति : पराशर प्रभात/विजय कुमार सिंह --बोले जिम्मेदार जानपुल चौक के व्यवसायियों की समस्या की जानकारी है। फुटपाथी दुकानदारों से पीछे हटने का आग्रह किया जाएगा। जगह मिलते ही फुटपाथी दुकानदारों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। गोलंबर के आसपास से ठेला-खोमचेवालों से बात कर सड़क साफ कराया जाएगा। चौक के दो गोलंबर को एक करने पर विचार होगा। सब्जी बाजार को पीछे करने की कोशिश की जाएगी। दुकान में ही मांस बिके इसकी व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ लालबाबू प्रसाद, डिप्टी मेयर, नगर निगम, मोतिहारी।
सुझाव
1. जानपुल चौक स्थित तालाब की मापी कराकर अतिक्रमण हटाने की जरूरत है। इससे लोगों को बहुत फायदा होगा।
2. शौचालय, यूरिनल व यात्री शेड बनवाने की आवश्यकता है। चौक पर स्ट्रीट लाईट भी लगायी जाए। इससे लोगों को सुविधा होगी।
3. जानपुल चौक पर मार्केट कांप्लेक्स, मॉल व मल्टीप्लेक्स है, पर बैंक नहीं है। पैसे जमा कराने ज्ञानबाबु चौक जाना पड़ता है।
4. बंजरिया पंडाल से बाजार समिति की ओर जानेवाली सड़क व नाला का निर्माण जरूरी है। इससे व्यवसायियों को सुविधा होगी।
5. अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासन को सड़क किनारे लोहे का गार्डर लगाना चाहिए। तभी स्थायी रूप से अतिक्रमण हटा रहे।
शिकायतें
1. जानपुल चौक की सड़क के फुटपाथ पर दुकान सजती है। इस पर लाउड स्पीकर बजाने से लोगों व व्यवसायियों को दिक्कत होती है।
2. सड़क किनारे बाजार सजता है। खरीदार भी अपनी सवारी सड़क पर ही लगाते हैं। इससे शाम में जाम की स्थिति बनी रहती है।
3. जानपुल चौक पर ग्रामीण खरीदार ज्यादा पहुंचते हैं। उन्हें ट्रैफिक नियमों के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं होता है।
4. इस चौक पर किसी भी बैंक की शाखा नहीं है। एटीएम भी अक्सर खराब रहता है व लोगों को समय पर पैसा नहीं मिल पाता है।
5. बाजार समिति की सड़क काफी जर्जर हो चुकी है। इस तरफ से गुजरने में दिक्कत होती है। सड़क पर नाला का पानी बहता है।

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