The village of Dahal has just heard the news of the death of three people in the accident - बस हादसे में तीन लोगों की मौत की खबर सुनते दहल गया गांव DA Image

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बस हादसे में तीन लोगों की मौत की खबर सुनते दहल गया गांव

बस हादसे में तीन लोगों की मौत की खबर सुनते दहल गया गांव

जैसे ही मौत की खबर भवानीपुर मौजे गांव में पहुंची, पूरा गांव एकाएक दहल उठा। गांव में अफरा-तफरी मच गई। एक दूजे का हाल जानने के लिए ग्रामीणों में होड़ मच गई। पूरे गांव में लोगों की भागमभाग मच गई। जिनके घर से लोग गये थे, तीर्थयात्रा पर, सब उनकी खोज-खबर लेने में जुट गये। सब लोग बेचैन हो उठे। जानकारी के मुताबिक,गत 16 अगस्त को स्थानीय नकरदेई थाना क्षेत्र के कटकेनवा-भवानीपुर मौजे गांव से करीब 65 तीर्थयात्री कावंरियों को लेकर एक नेपाली बस वैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुई थी। सभी बड़ी खुशी से बाबा के दर्शन करने गए थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह यात्रा इनके लिए मनहूस साबित होगी और खुशियों का माहौल पूरे परिवार को मातमी माहौल में तब्दील कर देगा। मृतका चन्द्र ज्योति देवी की पुत्री गिरजा देवी माँ की मौत की खबर जैसे ही सुनी पछाड़ खाकर गिर पड़ी व बेहोश हो गई। जब उसे होश आया तो करुण-क्रंदन करते हुए कहने लगी कि जाते समय माई बोलली कि ठीक से रहिअ, यही आखिरी वाक्य की रट लगाए बेटियां विलाप कर रही हंै। इसी गांव की मृतका तारा देवी के घर में भी मातमी सन्नाटों के बीच नन्ही-मुन्नी बेटियों व बहू के रोने-सिसकने की आवाज ने गांव के माहौल को मातमी बना कर रख दिया है। पुत्र इंद्रलाल साह का कहना है कि-हम अपना माई के जाए से मना कइनी। लेकिन, उ ना मनलन। कहस कि गांव के लोग जात बा,उनके साथ फेरु चल आइब। अब हमनी के के देखी हो माई,कहकर रोने लगता है। जोखु राय खुद तो बच गये पर बेटा नहीं बच सका : जोखु राय अपनी पत्नी बबिता देवी के साथ नन्हे पुत्र मंदीप कुमार (7वर्ष) को लेकर पहली बार वैद्यनाथ धाम की यात्रा पर निकले थे,उन्हें क्या पता था कि वे तो वापस लौटेंगे लेकिन उनका नन्हा चिराग बुझ जाएगा। घर पर जोखू साह के दो पुत्र व एक पुत्री अपने माता-पिता का कातर भाव से घर आने का इंतजार कर रहे हैं। लोगों ने जबसे उन्हें उनके भाई के मरने की बात बताई है तभी से रो-रोकर उनके आंसू भी सूख गए हंै। पूछने पर वे फफक पड़ते हैं। बकौल बहन आरती-बबुआ हर माई के संगे बाबा धाम गइल बा उ आवत होई। अभी हमरा माई-पापा से बात ना भइल ह,और फफक कर रो पड़ते है। गांव में घटना की खबर करीब साढ़े तीन बजे सुबह मृतका तारा देवी के पुत्र इंद्रलाल साह को मिली,तबसे गांव में अफरा-तफरी मची रही। लोग एक दूसरे का हाल जानने के लिए बेचैन हो गए।अपने परिजनों का शव लाने के लिए गांव से करीब आधा दर्जन लोग भाड़े की गाड़ी से जमशेदपुर के लिए निकले हैं,जिसमें इंद्रलाल साह, दीपलाल यादव आदि शामिल हैं।किराये पर गई थी नेपाली बस : बता दें कि इस गांव के पड़ोसी गांव कटकेनवा निवासी विजय पटेल व भोला पटेल ने किराये की नेपाली बस लेकर वैद्यनाथ धाम निकले थे। दर्शन पूजन के बाद वे तारा पीठ,गंगा सागर भी गए व जगनाथपुरी से दर्शन कर लौट रहे थे कि झारखंड व उड़ीसा के बॉर्डर पर स्थित जमशेदपुर के बहरागोड़ा चौक के समीप बस का एक्सल टूट ग या व बस पलट गई, जिसकी चपेट में आने से तीन तीर्थयात्रियों की मौत हो गयी है।

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