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चिरैया की छह पंचायतें बाढ़ से पूरी तरह जलमग्न

चिरैया की छह पंचायतें बाढ़ से पूरी तरह जलमग्न

1 / 3नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्रों में हो रही वर्षा के कारण प्रखण्ड के छह पंचायतों की करीब 36 हजार आबादी पुरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गयी है। राघोपुर,मधुबनी,बाराजयराम,कपुरपकडी,रूपहरा और हरनरैना पंचायत के...

चिरैया की छह पंचायतें बाढ़ से पूरी तरह जलमग्न

2 / 3नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्रों में हो रही वर्षा के कारण प्रखण्ड के छह पंचायतों की करीब 36 हजार आबादी पुरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गयी है। राघोपुर,मधुबनी,बाराजयराम,कपुरपकडी,रूपहरा और हरनरैना पंचायत के...

चिरैया की छह पंचायतें बाढ़ से पूरी तरह जलमग्न

3 / 3नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्रों में हो रही वर्षा के कारण प्रखण्ड के छह पंचायतों की करीब 36 हजार आबादी पुरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गयी है। राघोपुर,मधुबनी,बाराजयराम,कपुरपकडी,रूपहरा और हरनरैना पंचायत के...

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नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्रों में हो रही वर्षा के कारण प्रखण्ड के छह पंचायतों की करीब 36 हजार आबादी पुरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गयी है। राघोपुर,मधुबनी,बाराजयराम,कपुरपकडी,रूपहरा और हरनरैना पंचायत के गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इसके कारण लोग घरेलू सामान और मवेशियों को लेकर ऊंचे स्थान की ओर प्रस्थान कर गए हैं।

सबसे बुरा हाल मधुबनी, शीतलपटी, परतापुर, गंगापीपर, राघोपुर, हरबोलवा और अम्बरिया आदि गांवों की है। जिसका पूरी तरह दूसरे गांव से सम्पर्क कट गया है। गांव से बाहर निकलने के लिए एक मात्र नाव ही सहारा बचा है। लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक नाव समेत राहत सामग्री की व्यवस्था नहीं की गयी है। इन गांवों के लोग तैर कर दैनिक उपयोग की सामग्री से खरीद कर लाने को विवश हैं। घर में पानी प्रवेश कर जाने के कारण ऊंचे स्थान पर खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं।

सबसे बुरा हाल मवेशियों व छोटे बच्चों का है। जो दाना-पानी के बिना भूख से बिलबिला रहे हैं। इधर मोतिहारी-ढाका पथ में मीरपुर ,राघोपुर, गंगापीपर और परतापुर गांव के पास रोड पर तेज रफ्तार से साढ़े तीन फीट पानी बह रहा है।इसके कारण उक्त पथ पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। इसके कारण मोतिहारी से आने वाले वाहन भेलवा घोड़ासहन के रास्ते ढाका जा रहे हैं।

प्रखंड मुख्यालय का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा

फेनहारा। फेनहारा में शनिवार संध्या से ही बाढ़ ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। प्रखंड की लगभग साठ हजार आबादी बाढ़ से पूर्णत: प्रभावित है। प्रखंड मुख्यालय का जिला मुख्यालय से आवागमन का संपर्क टूट गया है। फेनहारा -मधुबन मुख्य मार्ग पर दो फुट तक शेखवाना ,देकुलिया व रूपवालिया के समीप पानी बह रहा है। रूपवालिया के निकट मुख्य सड़क में तेजी से कटाव जारी है। किसी वक्त सडक पूर्णत: टूट सकता है। देवकुलिया मारपा कोठी शेकपुरवा मुख्य सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी बह रहा है। शेखवना मारपा कोठी मार्ग में विसंपुर बसंत में मुख्य सड़क सैकड़ो मीटर में बह कर पानी का मुख्य प्रवाह का केंद्र बन गया है। बाढ़ ने जन जीवन पर संकट उत्पन्न कर दिया है। प्रखंड की सभी पंचायतें बाढ़ से प्रभावित है। प्रखंड के मधुबनी ,रत्नवा, गोविंदवारा, कालूपाकर ,फेनहारा, पिपरा, मारपा मोहन, देवकुलिया, मारपा कॉल ,मारपा कोठी ,विष्णुपुर बसंत ,फुलवरिया ,शेखवाना ,वीरता टोला समेत दर्जनों गांव के हजारों घरों में पानी घुसा हुआ है। निसं

ढाका से गुजरने वाली सभी सड़कों पर बह रहा है पानी

सिकरहना। बारिश भले ही थम गया हो लेकिन पानी का दबाव ढाका प्रखंड क्षेत्र में कम नहीं हुआ है। पानी के दबाव से ढाका फुलवरिया पथ, ढाका घोड़ासहन पथ, ढाका पचपकड़ी पथ, कुशमहवा गुरहनवा पथ में कई जगहों पर रोड के ऊपर से पानी बह रहा है। पानी निकासी को लेकर कई जगहों पर सड़क को काट दिया गया है या सड़कें टूट गई हैं, जिसके कारण दर्जनों गांवों का ढाका से सड़क संपर्क भंग हो गया है। इससे वाहनों का परिचालन भी बंद है। हालांकि ढाका प्रखंड के उतरी इलाके में पानी कम होना शुरू हो गया है। गुआबारी तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। मोबाइल टावर में पानी घुस जाने से मोबाइल सेवा भी कुछ इलाकों में चरमरा गई है। बिजली आपूर्ति भी ग्रामीण इलाके में बाधित है। बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए एनडीआरएफ की टीम बचाव में जुटी है। एसडीओ ज्ञान प्रकाश ने बताया कि एनडीआरएफ की आठ सदस्यीय टीम ने सराठा, पंडरी, बसहिया, बरेवा में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालकर ऊंचे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। निसं

जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी धोबौलिया गांव में घुसा

तेतरिया। बागमती व बूढ़ी गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी धोबौलिया गांव में प्रवेश कर गया है। वहीं सेमराहा, कदमा, घेघवा, कोठिया, मनियारपुर, चकी डेरवा, फुलवरिया, पुनास, लहलादपुर, नारायणपुर, नकरदेवा, मधुआहावृत के सरेह में पानी फैलने लगा है। पुनास गांव के पास तटबंध का अवशेष खत्म होने से लहलादपुर, पुनास, तेतरिया, राजेपुर के लोगों में बांध टूटने का भय व्याप्त है। निसं

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  • Web Title:Six Panchayats of Chiraiya completely submerged from the flood