Secrets of dogs in the wards and outside - वार्ड में चूहों व बाहर कुत्तों का राज DA Image
7 दिसंबर, 2019|10:25|IST

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वार्ड में चूहों व बाहर कुत्तों का राज


वार्ड में चूहों व बाहर कुत्तों का राज

सदर अस्पताल के वार्ड सहित एसएनसीयू में चूहों का काफी आंतक है। चूहे कभी मरीजों के पैरों से सटते हुए भागते नजर आते हैं, तो कभी एसएनसीयू में नवजात की देख रेख के लिए लगे उपकरण का तार काट देते हैं। सदर अस्पताल के दवा स्टोर में भी स्लाइन की कई बोतलों के कैप को कुतर दिया है। गनीमत है मरीज बच रहे हैं।

रतजगा करने को विवश हैं स्टाफ: सदर अस्पताल के परिसर में लावारिस कुत्तों का आतंक है । सदर अस्पताल के अंदर महिला वार्ड व नवजात शिशु की देख रेख के लिए बने एसएनसीयू में चूहों से मरीज आतंकित हैं। एसएनसीयू में कार्यरत गार्ड से लेकर नर्स बताती हैं कि कई महीनों से चूहों का आंतक बढ़ा हुआ है। कई बार उपकरण के तार व पाइप भी काट दिये हैं। इन सबों ने बताया कि चूहे नवजात के साथ हरकत नहीं करंे जिसको लेकर रात में भी रोस्टर के अनुसार कर्मियों को रतजगा करना पड़ता है।

महिला वार्ड में भी चूहों से परेशानी : सदर अस्पताल में प्रसव कराने आयी महिला के प्रसव के बाद अभिभावक सारी रात बड़े-बडे़ चूहों से नवजात को बचाने के लिए रतजगा करती हैं। कई तो चूहों को भगाने के लिये अपने साथ छड़ी भी रखती हंै। परेशानी तब बढ़ जाती है जब बिजली कट जाती है। उस समय चूहों को भगाना मुश्किल हो जाता है। मोबाइल की रोशनी में चूहों की निगरानी करनी पड़ती है। इसके अलावा दवा स्टोर में भी है चूहों का आतंक है।

कहती हैं भर्ती बच्चे की मां : मधुबनी की संगीता देवी, माधोपुर की पूनम देवी, ब्रह्मपुरी के ललिता देवी बताती हंै कि प्रसव के बाद वे लोग अपने नवजात का एसएनसीयू में इलाज करवा रही हैं। चूहों का यहां काफी आतंक है, मगर वे लोग तथा स्टाफ सारी रात जग कर चूहों को भगाते रहते हैं।

प्रसूता ने बताया रात को रहता कुत्तों का भय: महिला वार्ड में प्रसव के लिए भर्ती व प्रसव के वाद भर्ती प्रसूता सुषमा देवी, सविता देवी, प्रमिला देवी व शशिकला देवी के परिजन बताते हैं कि चूहों का तो यहां राज है। चूहों की धमाचौकड़ी देख मरीज और उनके परिजन परेशान रहते हैं। रात जाग कर काटनी पड़ती है।

अधीक्षक ने कहा, मेरे घर भी चूहे हैं क्या करें ?

सदर अस्पताल के अधीक्षक डा. के सी कुमार बताते हैं कि क्या करें। चूहे पकड़नेवालों को बुलाएं क्या। उनके घर में भी बहुत चूहे हैं। वे भी एक-एक किलो वजन के हैं। फिर उन्होंने कहा कि देखते हैं,चूहा भगाने का क्या उपाय हो सकता है। फिलहाल सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। अधीक्षक के इस अटपटा बयान को कांग्रेस अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार शुक्ला व राजद अघ्यक्ष सुरेश यादव ने गंभरीता से लिया है। कहा कि चूहों के आतंक से मरीज परेशान हैं। अगर अधीक्षक निदान नहीं निकाल सकते हैं, तो उन्हें अधीक्षक पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। चूहा भगाने का बहुत आधुनिक उपाय है ।

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