Motihari News: विद्यालयों में प्री फैब का नहीं मिल रहा पूरा लाभ

हिन्दुस्तान, मोतिहारी
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Motihari News: ढाका प्रखंड के पांच स्कूलों में कमरों की संख्या कम होने के कारण डीलक्स मॉडल प्री फैब का निर्माण किया गया। निर्माण की लागत करीब पांच लाख रुपये थी, लेकिन जीपीएस दोस्तीया ब्राह्मण टोली स्कूल में बना प्री फैब तेज आंधी में उड़ गया। चहारदीवारी की कमी के कारण बच्चों के गिरने का खतरा बना हुआ है।

Motihari News: विद्यालयों में प्री फैब का नहीं मिल रहा पूरा लाभ

Motihari News: सिकरहना, निज संवाददाता। स्कूलों में कमरों की संख्या कम होने के कारण ढाका प्रखंड के पांच स्कूलों में डीलक्स मॉडल प्री फैब का निर्माण किया गया था। करीब पांच लाख रुपयेे की लागत से इसका निर्माण कराया गया था। जिन पांच स्कूलों में इसका निर्माण हुआ था उनमें मध्य विद्यालय बहलोलपुर उर्दू, मध्य विद्यालय औरैया उर्दू, मध्य विद्यालय पचपकड़ी, जीपीएस गवन्द्री उर्दू बालक, जीपीएस दोस्तीया ब्राह्मण टोली आदि शामिल है।

प्री फैब की स्थिति

इनमें जीपीएस दोस्तीया ब्राह्मण टोली स्कूल में बने प्री फैब का छप्पड़ तेज आंधी में उड़ गया। प्री फैब में लगाये गये जो टीन का दिवाल है वह पानी में भींगने के कारण सड़ रहा है। बाकी जगहों पर इसमें क्लास संचालित होता है। हालांकि जिन स्कूलों में इसका निर्माण हुआ है वह छत पर है। छत पर चहारदीवारी नहीं होने के कारण यहां बच्चों को गिरने की संभावना बनी रहती है。

चहारदीवारी की समस्या

मध्य विद्यालय बहलोलपुर उर्दू के एचएम मो. एजाज फारूकी ने बताया कि चहारदीवारी को लेकर विधानसभा में भी मामला उठा था, जिसपर विभागीय जेई ने पूछताछ की थी लेकिन अबतक उसपर चहारदीवारी नहीं हो पायी है। चहारदीवारी नहीं होने के कारण छत से बच्चों की गिरने की संभावना बनी रहती है। हालांकि बच्चों को इससे सतर्क कर दिया गया है वे छतों पर सावधानी बरतें। यहीं हाल अन्य स्कूलों का भी है। कमरों की संख्या कम होने के कारण स्कूलों में इसका निर्माण कराया गया था लेकिन यह स्ट्रक्चर कारगर नहीं होने के कारण इस योजना को बाद में बंद कर दिया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

स्कूलों में प्री फैब का निर्माण क्यों किया गया?
स्कूलों में कमरों की संख्या कम होने के कारण प्री फैब का निर्माण किया गया था।
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