नंदपुर में सफाई न फॉगिंग, जर्जर सड़क से गुजर चोटिल हो रहे लोग
नंदपुर मोहल्ले में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। लोग बेहतर सड़क, नल-जल और सफाई से वंचित हैं। जर्जर सड़क पर गिरकर लोग चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने शिकायतें की हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।...
निगम के वार्ड-5 के नंदपुर मोहल्ले में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यहां के लोग बेहतर सड़क, नियमित सफाई, नल-जल तथा समुचित प्रकाश आदि शहरी सुविधाओं से पूरी तरह से वंचित हैं। मोहल्ले की जर्जर और कीचड़ भरी सड़क पर अक्सर लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बाईपास सड़क से लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित इस मोहल्ले में जाने वाली सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। सड़क में गड्ढे बन चुके हैं। साथ ही कई जगह सड़क का अतिक्रमण भी कर लिया गया है। बरसात के दिनों में यह सड़क चलने लायक नहीं रह जाती है। दिन में भी कोई इस सड़क से नहीं गुजरना चाहता है।
रात में लोगों को आने-जाने में बहुत परेशानी हो रही है। स्थानीय नागरिक राजन बैठा, सत्यनारायण सहनी, राजेन्द्र महतो, सुधीर कुमार व सोनालाल महतो बताते हैं कि नल-जल योजना से कोई लाभ नहीं है। पानी कभी आता ही नहीं है। सड़क में बने गड्ढे आने-जाने वालों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। स्थिति यह है कि यहांं आने वाले लोग मोहल्ले के बाहर ही अपनी सवारियों को छोड़कर पैदल गंदे पानी को पारकर लोगों से मिलने आते हैं । गंदे पानी के जमाव के कारण मक्खियों व मच्छरों का प्रकोप बहुत बढ़ गया है । साल में एक बार यहां कभी फाॅगिंग हो जाती है। नागरिक बताते हैं कि यहां नियमित रूप से सफाई, नियमित छिड़काव और फाॅगिंग कराना जरूरी है। साथ ही नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाना भी जरूरी है । नाला का निर्माण जरूरी : अच्छेलाल बैठा, मोहन सहनी, सकल महतो, राधिका देवी ने बताया कि हम लोग कहने को तो शहरी क्षेत्र में हैं पर शहर की कोई भी सुविधा यहां नहीं है। जिसके कारण नागरिकों की परेशानी बहुत बढ़ गयी है। मोहल्ले के भीतरी भाग में जाने के लिए केवल कच्ची सड़क है। बरसात को कौन कहे,यहां हर महीने में कीचड़ और पानी का जमाव देखने को मिलता रहता है । साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं रहने से चारों ओर गंदगी बिखरी हुई है ।सड़क और नाला बनाने के लिए वे लोग नगर निगम से लेकर जिला प्रशासन तक अपनी शिकायत सुना चुके हैं पर,आज तक किसी ने यहां की जनता की शिकायतों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है । जलजमाव से हो रही है परेशानी : स्थानीय नागरिक गजेन्द्र महतो, मन्नु महतो, सांवरिया देवी व नीतेश कुमार बताते हैं कि नाला व गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं रहने से इस मोहल्ले की सड़क पर हमेशा कीचड़ व पानी जमा रहता है। यह स्थिति केवल पैदल चलने वालों के लिए ही नहीं, बल्कि साइकिल व बाइक से चलने वालों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है । वाहनों से आने-जाने वालों के लिए कभी भी गिरने और चोटिल होने की आशंका बनी रहती है । साथ ही बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । साथ ही बुजुर्ग भी इससे बहुत परेशानी में हैं। नल-जल का लाभ नहीं : इस मोहल्ले में नल-जल योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है । लोग बताते हैं कि नल से कभी भी पानी नहीं आता है। महीनों पहले लगी टंकी अब शोभा की वस्तु बनी हुई है। वहीं समुचित प्रकाश की भी व्यवस्था नहीं है। गंदे पानी के जमाव से मलेरिया व डेंगू आदि फैलाने वाले मच्छर नागरिकों के लिए खतरा बने हुए हैं ।
प्रस्तुति : अनिल कुमार मिश्रा
बोले जिम्मेदार
नंदपुर के नागरिकों की परेशानी जल्द दूर होगी। पूरे नंदपुर में सड़क व नाला बनाने के लिए मैपिंग करा ली गयी है। स्वीकृति के लिए नगर निगम के पास भेज दिया गया है। विभागीय स्वीकृति मिलते ही सड़क व स्लैब युक्त नाले का निर्माण किया जाएगा। नियमित रूप से सफाई ,गंदे पानी की निकासी तथा स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाएगी। फॉगिंग के लिए निगम के अधिकारियों को कहा गया है।
-रोहित कुमार सिंह उर्फ चंदन सिंह , वार्ड पार्षद, वार्ड 5 ।
सुझाव
1. बाईपास से लेकर पूरे नंदपुर में सड़क का जीर्णोद्धार जरूरी है। इससे आने-जाने वाले लोगों को बहुत सुविधा होगी।
2. सड़क पर जलजमाव व कीचड़ नहीं हो,इसके लिए दोनों ओर नाला का निर्माण जल्द शुरू कर दिया जाना चाहिए।
3. रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था के लिए स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था प्रत्येक पोल पर किया जाना चाहिए। 4. समय-समय पर नगर निगम के द्वारा फाॅगिंग कराया जाना चाहिए। नियमित सफाई व कचरा उठाव का प्रबंध किया जाना चाहिए।
5. क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए जागरुकता कार्यक्रम चलाया जाना चाहिए। ताकि लोग स्वस्थ रहें।
शिकायतें
1. बेतिया बाईपास से लेकर नंदपुर जाने वाली सड़क अत्यंत जर्जर हो चुकी है। यहां की आधी सड़क कच्ची है।
2. पैदल चलने वालों और वाहन चालकों के लिए भी यह सड़क खतरनाक बनी हुई है। अक्सर लोग गिरकर चोटिल होते हैं।
3. पानी की निकासी के लिए नागरिकों ने नगर निगम व जिला प्रशासन को आवेदन दिया लेकिन नतीजा नहीं निकला है।
4. मोहल्ले की सड़क का अतिक्रमण होने से आवागमन में परेशानी होती है। बड़े वाहन नहीं आ पाते हैं।
5. मोहल्ले में कभी-कभार ही फॉगिंग की जाती है। मच्छरों का प्रकाप बढ़ गया है। जिससे संक्रामक बीमारियों की आशंका है।

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